धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कुरुद, 26 जून। ब्लॉक मुख्यालय कुरूद से लगी तीन ग्राम पंचायतों में चुनाव प्रचार थम गया है। मंगलवार 27 जून को यहां के 5377 मतदाता सरपंच पद के 11 एवं पंच पद के 112 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। विधानसभा चुनाव के पूर्व संध्या पर होने वाले इन चुनावों में फतह हासिल कर माहौल अपने पक्ष में करने कांग्रेस कुछ ज्यादा ही जोर लगा रही है। दिखावे की राजनीति करने से खुद को दूर रखते हुए भाजपा खामोशी से अपना दायरा बढ़ाने में लगी है।
गौरतलब है कि कुरुद नगर पंचायत से अलग होकर वापस ग्राम पंचायत चर्रा, चरमुडिया एवं नवागांव में 3 सरपंच व 50 पंचों के चुनाव में कांग्रेस और भाजपा अपने समर्थित प्रत्याशियों को जिताने जोर लगा रही है। इसके लिए दोनों ही पार्टियों ने अपने काबिल नेताओं को प्रभारी बना उन्हें चुनाव जिताने की जिम्मेदारी सौंपी है।
कांग्रेस ने मंडी अध्यक्ष नीलम चन्द्राकर को चर्रा पंचायत जिताने का जिम्मेदारी दी है। चर्रा में त्रिकोणीय मुकाबले में कांग्रेस को एंटीइन्कम्बैसी का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन विपक्षी दल में दो गुट होने एवं पंचायत सेवा से जुड़े व्यक्ति की पत्नी को प्रत्याशी बनाए जाने का लाभ सत्ता पक्ष के उम्मीदवार को मिल सकता है ।
जिला पंचायत सदस्य तारिणी चन्द्राकर का निर्वाचन क्षेत्र होने के कारण वे भी यहां जमकर मेहनत कर रही हैं। उनका दावा है कि चर्रा में इस बार भी कांग्रेस ही जितेगी। भाजपा प्रभारी तिलोकचंद जैन का कहना है कि कांग्रेस समर्थित वर्तमान सरपंच के भ्रष्टाचार से तंग आकर सत्ता पक्ष को अंतिम समय में अपना प्रत्याशी बदलना पड़ा। हम यहां एकजुट होकर चुनाव लड़ रहे हैं, जनसमर्थन हमारे साथ है, इस बार बदलाव होकर रहेगा।
ग्राम पंचायत नवागांव-उ में सरपंच पद के लिए भाजपा ने वर्तमान सरपंच टिकेश साहू पर फिर से भरोसा जताया है। पिछले दो चुनाव में जीतकर गांव का कायाकल्प कर देने वाले टिकेश का मुकाबला इसबार कांग्रेस समर्थित रमेश साहू से है। यहां की प्रभारी जनपद अध्यक्ष शारदा साहू की कोशिश है कि किसी तरह यह सीट भाजपा से छिनी जाए, इसके लिए सत्तापक्ष वर्तमान सरपंच पर कुरुद निवासी एवं बाहरी प्रत्याशी होने का आरोप लगा बदलाव का माहौल बनाने में लगा हैं।
इस बारे में भाजपा नेता कुलेश्वर चंद्राकर का कहना है कि गांव के सुख-दुख में हमेशा साथ खड़े रहने वाले टिकेश ने पिछले 10 सालों में नवागांव को नया रूप दिया है, चुनाव जीत कर कौन कहां रहता है इसके कुछ उदाहरण कुरुद में ही मौजूद हैं। कांग्रेसी नेता दुष्प्रचार के सहारे चुनाव जीतना चाहते हैं, जो कभी पूरा नहीं होगा।
इसी तरह अजा महिला वर्ग के लिए आरक्षित ग्राम पंचायत चरमुडिया में सरपंच बनने 7 उम्मीदवार मैदान में हैं। लेकिन मुकाबले में कांग्रेस समर्थित सुरेखा गुरुदेव महिपाल, आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष तेजेन्द्र तोडेकर की पत्नी नीतू तोडेकर, भाजपा समर्थित उर्वशी जितेन्द्र बांधेकर ही दिख रहे हैं। कांग्रेस ने यहां की जिम्मेदारी नपं अध्यक्ष तपन चंद्राकर को दी है।
गैरदलीय आधार पर होने वाले पंचायत चुनाव में राष्ट्रीय नेता की तस्वीर वाले बड़े-बड़े फ्लैक्स एवं पार्टी के झंडे बैनर का प्रयोग कर चुनाव को हाईटेक बना दिया गया है। इसके अलावा क्षेत्र के तमाम बड़े नेताओं ने यहां बरसते पानी में छतरी लेकर डोर-टू-डोर प्रचार किया है।
प्रभारी तपन चंद्राकर का कहना है कि चरमुडिया में इस बार कांग्रेसी सरपंच होगा, भाजपा यहां तीसरे स्थान पर रहेगी। जबकि भाजपा प्रभारी पूर्व नपं अध्यक्ष रविकांत चन्द्राकर ने कहा कि इन चुनावों में कांग्रेस धनबल एवं सत्ताबल का भौंडा प्रदर्शन कर रही है। हम विचारधारा के आधार पर प्रत्याशियों को समर्थन एवं सहयोग दे रहे हैं, हमेशा की तरह इस बार भी यहां भाजपा समर्थित प्रत्याशी ही सरपंच बनेगा।


