धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कुरूद, 29 अप्रैल। पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक अजय चंद्राकर के मार्गदर्शन में भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रवास में विध्न डालने का प्रयास करते हुए काला झंडा दिखाने की कोशिश की लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें कार्यक्रम स्थल पहुंचने से पहले ही पकड़ लिया। सीएम का हेलीकाप्टर वापस लौटने के बाद पुलिस ने विभिन्न थानों से सैकड़ों भाजयुमो कार्यकर्ताओं को छोड़ दिया।
ज्ञात हो कि 28 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कुरुद विधानसभा में पहुंचे थे। कांग्रेसी नेता उनके स्वागत अभिनन्दन के लिए आतूर थे, लेकिन विपक्षी पार्टी का युवा विंग भाजयुमो उन्हें काला झंडा दिखाने के फिराक में था। लेकिन प्रशासन को इसकी पहले से भनक लग गई थी। इसलिए विपक्ष अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाया।
भखारा क्षेत्र में भाजयुमो जिलाध्यक्ष विजय मोटवानी के नेतृत्व में गांव गांव में हो रही अवैध शराब बिक्री,बेरोजगारों को तत्काल बेरोजगारी भत्ता देने,जिले में पुलिस प्रशासन की लचर व्यवस्था, बिजली बिल दर में बढ़ोतरी, वृद्ध, विधवा पेंशन बढ़ोतरी नहीं करने, हिन्दू विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने जैसी मांगों के समर्थन में गो बैक भूपेश बघेल का नारा लगाते रविकांत चन्द्राकर, भूपेंद्र सिन्हा, सत्यम चन्द्राकर, राहुल बांधेकर, सत्यप्रकाश सिन्हा, केशव चंद्राकर, किशोर कुर्रे, हिमाशू साहू, कमलेश चंद्राकर आदि को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हालांकि भाजयुमो नेताओं ने कार्यक्रम स्थल में जाकर काला स्कार्फ दिखाने का दावा किया है।
इसी तरह कुरुद में विधायक प्रतिनिधि कृष्णकांत साहू के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंप शासकीय भवनों में वाल पेंटिंग करा कांग्रेस सरकार एवं मुख्यमंत्री का प्रचार करने का विरोध जताया गया। बाद में प्रशासन ने नपं अध्यक्ष द्वारा लिखवाये गये नारों को कपड़े से ढकवा दिया। इसके बावजूद विश्राम गृह के पास सीएम के आने से थोड़ी देर पहले नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन कर रहे कृष्णकांत साहू, प्रमोद शर्मा, मालकराम साहू, किशोर यादव,संजु चन्द्राकर, नरेंद्र सोनी, राजेश साहू, राजेन्द्र यादव, दिलीप टंडन आदि को पुलिस डग्गे में भरकर थाने भेज मुख्यमंत्री के वापस लौटने तक सभी को बिठाये रखा।


