धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
धमतरी, 10 अप्रैल। जिले में इस साल करीब 60 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की बोनी की गई है। इसके अलावा करीब 40 हजार हेक्टेयर में दलहन-तिलहन लगाया हैं। हालांकि इस बार शासन ने पहले से ही रबी सीजन में धान की फसल लेने से किसानों को मना कर दिया गया, इसके बावजूद हजारों किसानों ने गंगरेल बांध में पानी की मात्रा को देखते हुए धान की फसल लगा ली।
धान की बोनी के बाद फरवरी और मार्च में फसल को सिंचाई के लिए पानी की सख्त जरूरत पड़ी, लेकिन मोटर पम्प साधन वाले किसान भी परेशान हो गए। भूमिगत वाटर लेबल नीचे गिरने से मोटर पम्प भी हांफने लगे। स्थिति यह हो गई कि मोटर पम्प में 150 से 200 फीट में भी पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा।
ऐसी स्थिति में किसानों की भी हालत पतली हो गई। किसानों द्वारा बार-बार मांग करने के बाद भी सिंचाई पानी नहीं मिली। फलत: अब ग्रामीणों की निस्तारी के लिए नहर में छोड़े गए करीब 2 सौ क्यूसेक पानी ही किसानों के लिए बड़ा आसरा बन गया। फसल को बचाने के लिए किसान लिफ्ट का सहारा लेकर खेतों में सिंचाई कर रहे हैं। कई किसानों ने तो वितरक शाखा में मोटर पम्प लगाकर फसल को बचाने की जुगत कर रहे।


