धमतरी

आदिवासी समाज को दुनिया को मुट्ठी में रखना है तो उसके लिए शिक्षा अनिवार्य-डॉ. लक्ष्मी
09-Apr-2023 3:16 PM
आदिवासी समाज को दुनिया को मुट्ठी में रखना है तो उसके लिए शिक्षा अनिवार्य-डॉ. लक्ष्मी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
नगरी,  9 अप्रैल।
तहसील नगरी के उपक्षेत्र चिंवर्री में गोड़वाना समाज के आमा जोगानी चैतराई पर्व कार्यक्रम में सिहावा विधायक डॉ. लक्ष्मी ध्रुव उपस्थित हुई।
 विधायक ने कहा कि भूमंडलीय युग में आदिवासी समाज दुनिया को मुट्ठी में रखना है तो उसके लिए शिक्षा अनिवार्य है। आदिवासी समाज मेहनती है अपने कर्तव्यों के प्रति ईमानदार स्वाभिमान जैसे महत्वपूर्ण मूल्य आदिवासी खून में है। लेकिन दुनिया को अपने मुट्ठी में करना है तो शिक्षा अनिवार्य है। समय अनुकुल शिक्षा के अनुसार कठोर मेहनत शिक्षा में लगाये।

उन्होंने कहा- हम विश्व आदिवासी दिवस मनाते थे लेकिन शासकीय अवकाश नही मिलता था। हमारे मुखिया भूपेश बघेल जी ने अवकाश घोषित किया अब हम भव्य रूप से विश्व आदिवासी दिवस मनाते है। हमारे छत्तीसगढ़ के संस्कृति को पहचान मिली है। अभी हमारे मुखिया ने बजट में शामिल किये है कि आदिवासी समाज के प्रमुख त्यौहार को मनाने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत को सहयोग राशि दिया जायेगा। हमारे जो देव पुजारी है उनको भी सहयोग किया जायेगा जिससे वो अपने देवी देवताओं का अच्छा पूजा पाठ कर सके। हमें अपने मूल धरोहर को संवार कर रखना है। हमारे मुखिया द्वारा एक और महत्वपूर्ण घोषणा किया गया कि जो भी प्रतियोगी परीक्षा होगा उसका फीस माफ होगा कोई फीस नही लगेगा। देश में आज उदारीकरण है आज पूरा विश्व खुला हुआ है हम भारत के साथ-साथ विदेशों में जाकर अपना व्यवसाय या नौकरी कर सकते है इसके लिए हमारे मुख्यमंत्री जी ने सभी ब्लाकों में आत्मानंद स्कूल खोला गया है जिससे हमारे बच्चे अंग्रेजी माध्यम से पढक़र उच्च स्थानों पर पदस्थ हो सके प्रतियोगी परीक्षा में शामिल हो सके, हम आत्मनिर्भर बन सके।

उक्त कार्यक्रम में रामप्रसाद मरकाम, कौशिल्या कश्यप, हरक मण्डावी, विष्णुराम वट्टी, सतउराम वट्टी, शकुंतला ठाकुर, प्रमोद कुंजाम एवं समाजजन उपस्थित थे।


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