धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
धमतरी, 5 अप्रैल। शासन की योजनाओं का अंतिम व्यक्ति तक लाभ दिलाने के उद्देश्य से शासन के निर्देश के बाद धमतरी जिले में सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण का काम शुरू हो गया है।
सर्वे के लिए प्रगणक दल घर-घर में दस्तक दे रहे हैं, लेकिन उन्हें लोगों का उचित रिस्पांस नहीं मिल रहा है। इससे आवश्यक जानकारी जुटाने के लिए उन्हें मशक्कत करना पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण-2023 के तहत जिले के 370 ग्राम पंचायतों के लिए करीब 126 सुपरवाइजर और एक हजार प्रगणक नियुक्त किया गया है।
30 अप्रैल तक होगा सर्वे
हर हाल में 30 अप्रैल तक घर-घर दस्तक देकर आवश्यक जानकारी जुटाने के लिए कहा गया है। इसी कड़ी में रविवार को अवकाश के दिन भी प्रगणक घर-घर में दस्तक देकर मकानों की नम्बरिंग कर विभिन्न बिंदुओं पर सर्वे का काम किया जा रहा है, लेकिन शासन की ओर से जिन बिंदुओं पर जानकारी चाही गई, लोग उसे बताने से कतराने लगे हैं। सर्वे कार्य में लगे एक प्रगणक ने बताया कि सर्वे में परिवार के मुखिया से कृषि भूमि की जानकारी, मनरेगा जॉब कार्ड, उज्जवला योजना का लाभ मिला कि नहीं, परिवार के सदस्यों की योग्यता क्या है, आधार कार्ड नंबर, अन्य प्रापर्टी का डिटेल, राशन कार्ड की जानकारी, परिवार के सदस्यों की संख्या, पक्की मकान या कच्ची मकान, शौचालय समेत विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी ली जा रही है, लेकिन कई लोग जानकारी बताने में आना-कानी कर रहे हैं। ऐसे में सर्वे के दौरान उन्हें समझाने में ही अधिक समय निकल रहा है, जबकि उन्हें हर हाल में 30 अप्रैल तक सर्वे कार्य कर रिपोर्ट प्रस्तुत करना है। ऐसे में प्रगणकों के सामने शत-प्रतिशत सर्वे करने की चुनौती है।
सर्वर प्राब्लम ने भी किया परेशान
सर्वे के बाद ऑफलाइन जानकारी अपडेट करने के साथ ही उन्हें इसकी ऑनलाइन एंट्री भी करना है। प्रदेशभर में चल रहे सर्वेक्षण कार्य के चलते ऑनलाइन डाटा फीड करने के दौरान प्रगणकों को सर्वर स्लो होने से परेशानी हो रही है। बताया गया है कि सर्वे के बाद ऑनलाइन डाटा फीड करने में सबसे ज्यादा समय लग रहा है।


