धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
नगरी, 3 अप्रैल। छत्तीसगढ़ के बेरोजगारों को सरकार ने बेरोजगारी भत्ता देने की घोषणा की है। सरकार की तरफ से बेरोजगार तय करने के लिए नियम बनाए गए, जिस पर भाजपा ने आपत्ति की है। भाजपा मण्डल बेलर के महामंत्री मनोहरदास मानिकपुरी ने सरकार से पूछा कि जब सब लोग अपात्र हो जाएंगे, तो भत्ता किसे दिया जाएगा।
मानिकपुरी ने कहा कि भूपेश सरकार बेरोजगार युवाओं को केवल गुमराह व छलने का काम कर रही है। 2018 में राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ के 10 लाख युवाओं को प्रतिमाह 2500 रुपये बेरोजगारी भत्ते की घोषणा की थी, जो अब तक अधूरी है।
विदित हो कि भत्ता के लिए पिछले चार वर्षों में कांग्रेस ने केवल समितियां बनाकर बैठकें की। अब उनको चुनाव देखकर बेरोजगारी भत्ता याद आ रहा है। मानिकपुरी ने आरोप लगाया कि पिछले 51 महीने तक युवाओं को 2500 रुपये भत्ता नहीं दिया गया।
क्या कांग्रेस का घोषणा पत्र सिर्फ आखिरी छह महीने के लिए ही था? मानिकपुरी ने कहा सरकार ने बेरोजगारी भत्ता के लिये जो नियम बनाया है, उसमेें परिवार का कोई भी व्यक्ति निजी या सरकारी नौकरी में है, वह परिवार का युवा बेरोजगारी भत्ता के पात्र नहीं है।
पांच एकड़ से अधिक कृषि भूमि या समर्थन मूल्य पर 75 क्विंटल धान बेचने वाले परिवार के बेरोजगार युवा भी पात्र नहीं हैंं। यह सब नियमों से स्पष्ट है कि कांग्रेस सरकार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता के नाम पर केवल झुनझुना दिखाने का काम कर रही है।


