धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
धमतरी, 15 मार्च। अंचल के चारों बांधों में भरपूर पानी होने के बावजूद किसानों की खेतों में धान की फसल मरणासन्न स्थिति में पहुंच रही हैं। यदि जल्द ही नहर में सिंचाई पानी नहीं छोड़ा गया तो हजारों हेक्टेयर में लगी फसल चौपट हो जाएगी।
जिले में इस साल करीब 60 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में किसानों ने धान की फसल लगाई है। इसके अलावा कई किसानों ने दलहन-तिलहन भी लगाया हैं। इसमें दलहनी फसल तो तैयार होकर कटाई शुरू हो गई हैं, लेकिन धान की फसल सिंचाई पानी के बिना चौपट हो रही हैं। गंगरेल बांध समेत सोंढूर, दुधावा और माडमसिल्ली बांध में पर्याप्त पानी रहने के बावजूद किसानों के लिए बांध का गेट नहीं खोला जा रहा हैं। इससे किसानों में भारी आक्रोश हैं। खेतों में फसल की हालत को देखते हुए गत दिनों छत्तीसगढ़ किसान यूनियन ने जल सत्याग्रह आंदोलन भी किया। सिंचाई पानी नहीं मिलने पर बड़ी संख्या में किसान गंगरेल बांध में जल सत्याग्रह के लिए पहुंचे थे, लेकिन किसी तरह पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद से किसानों का आक्रोश बढ़ रहा हैं।
किसानों ने अल्टीमेटम दिया है कि जिला प्रशासन 24 घंटे में बांध का गेट नहीं खोला तो 16 मार्च को अंबेडकर दोपहर 12.30 बजे अंबेडकर चौक में चक्का जाम करेंगे। आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में किसानों को लाने के लिए भंवरमरा, छुही, सलोनी, भरारी, बंजारी आदि गांवों में बैठक लेकर तैयारी की जा रही है।
बांध- क्षमता- उपयोगी पानी प्रतिशत, गंगरेल- 32.150- 22.642- 70.42 प्रतिशत मुरूमसिल्ली- 5.839- 4.192- 71.79प्रतिशत, दुधावा- 10.192- 8.285- 81.28प्रतिशत, सोंढूर- 6.995- 4.812- 68.79 प्रतिशत
कुल- 55.176- 39.931- 72.37 प्रतिशत
10 तालाबों को भरने आयुक्त ने भेजा पत्र
नगर निगम धमतरी द्वारा शहर के 10 तालाबों को भरने की योजना बनाई है। केनाल से पानी छोडऩे जल संसाधन विभाग को आयुक्त विनय कुमार पोयाम ने डिमांड पत्र लिखा है। हालांकि अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। निगम द्वारा महिमा सागर तालाब, रमसगरी तालाब, शीतला तालाब, गंगा तालाब, मकई तालाब, नाचन तालाब, आमा तालाब, दीवान तालाब, कठौली तालाब, रामबाग तालाब को भरने की तैयारी में है। तालाबों को भरने का उद्देश्य गर्मी में भू-जल स्तर बनाकर रखना है।


