धमतरी

भ्रष्टाचार की स्वतंत्र जांच हो, सीएम दे इस्तीफा- मरकाम
15-Mar-2023 2:34 PM
भ्रष्टाचार की स्वतंत्र जांच हो, सीएम दे इस्तीफा- मरकाम

मगरलोड, 15 मार्च। भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष विकास मरकाम ने पीसीसी चीफ मोहन मरकाम के अपने ही सरकार पर जिला खनिज न्यास डीएमएफ में बंदरबांट के आरोप पर बयान जारी करते हुए कहा कि जिस भ्रष्टाचार की आग को कांग्रेसी 4 साल से हवा देते रहे, उसमें कांग्रेसी विधायक स्वयं झुलस रहे हैं।

पीसीसी चीफ मोहन मरकाम ने डीएमएफ में करोड़ों रुपए के बंदरबांट का पर्दाफाश विधानसभा में किया, इससे ठीक एक साल पहले कोरबा कलेक्टर पर स्थानीय कांग्रेसी विधायक एवं मंत्री ने टीएमएफ फंड में 600 करोड़ के गड़बड़ी का आरोप लगाया था।
जुलाई 2022 में रायपुर में डीएमएसए कृषि उपकरणों की खरीदी में 200 करोड़ के बंदरबांट का मामला सामने आया। कांग्रेसियों के जेब भरने का जरिया बना डीएमएफ।

विकास मरकाम ने कहा- अपने पूरे कार्यकाल में भूपेश सरकार ने डीएलएफ को अपनी काली कमाई का जरिया और कांग्रेसियों के पेट और पोषण का माध्यम बना रखा है। भ्रष्टाचार और लूट का वातावरण कितना भयावह है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि खुद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम को विधानसभा में मामला उठाना पड़ा और जांच कमेटी की मांग और अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग करनी पड़ी। मोहन मरकाम ने करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार का आरोप अपने ही सरकार पर लगाकर सिद्ध कर दिया कि सरकार आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी है।

विकास मरकाम ने कहा-कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि भ्रष्टाचार छुपाने के मामले में उन्हें जेल होना चाहिए, क्योंकि भ्रष्टाचार पर साढ़े 4 साल तक पर्दा डालकर खाने खिलाने का तेल करते रहे और अब जब प्रदेश अध्यक्ष पद से उनकी विदाई तय हो गई, तो भ्रष्टाचार के मामले उजागर कर रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष द्वारा विधानसभा में लगाए गए आरोप के बाद भूपेश बघेल को सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

विकास मरकाम ने कहा कि मोहन मरकाम के आरोप से सरकार के आदिवासी विरोधी होने का भी प्रमाण मिल गया, क्योंकि कोरबा से लेकर कोंडागांव तक जिस प्रकार आदिवासियों के बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए प्राप्त होने वाले धन का दुरुपयोग किया गया है। वह आदिवासी विरोधी सरकार ही कर सकती है। सुदूर आदिवासी समाज में पेयजल सडक़ स्वास्थ्य और शिक्षा की हालत कांग्रेस सरकार में देनी हो गई है।

आदिवासी समाज के उत्थान के लिए निर्धारित राशियों का कांग्रेस में बंदरबांट किया है।
डीएमएफ की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए इसके लिए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना चाहिए।
 


अन्य पोस्ट