धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कुरुद, 23 फरवरी। काम कराने के बाद भी भुगतान नहीं होने, नरेगा में 50 लाख तक कार्य स्वीकृति एवं भूमि समतलीकरण को मनरेगा में शामिल करने सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर सरपंचों ने सरकार के प्रति अपनी नाराजग़ी का इजहार किया।
जनपद पंचायत के सभा हाल में हुई कुरूद सरपंच संघ की बैठक में उपस्थित सरपंचों ने मनरेगा योजना अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों की भुगतान संबंधी समस्या बताते हुए कहा कि मनरेगा योजना अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों की सामग्री राशि साल भर बाद भी भुगतान नहीं हुआ है, कुछ राशि भुगतान हो रहा है जिसमें डीपीआर सिस्टम के तहत पंचायतों की राशि कटौती की जा रही है। इस बात से सरपंचों में काफी आक्रोश देखा गया।
सरपंच संघ अध्यक्ष डीलन चन्द्राकर ने बताया कि कुछ पंचायतों के फाइल अभी तक अनफ्रीज नहीं हुआ है, संबंधित अधिकारियों द्वारा डीपीआर एवं अनफ्रिज सिस्टम को तकनीकी समस्या कऱार दे जिला प्रशासन से निदान होने का आश्वासन दिया जाता है।
संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी गोजी सरपंच थानेश्वर तारक ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा पंचायत को 50 लाख तक निर्माण कार्य करने का आदेश हुआ है, लेकिन नरेगा योजना में केवल 10 लाख तक ही कार्य दिया जा रहा है। दूसरी तरफ पंचायतों का अधिकार का हनन करके स्कूल शिक्षा विभाग के कार्यों को आरईएस को दिया गया है। जिसका सरपंच संघ विरोध करता है।
बैठक में रामचंद साहू, महेंद्र साहू, पुनेश्वर साहू, तुलसी यादव, मिनेश्वरी साहू ,नारायण साहू, चोवाराम साहू, हरिचंद बैस, निर्मला साहू, कमलेश्वरी साहू, सविता गंजीर, मीनाक्षी साहू, खिलेश्वरी निषाद, टेमिन साहू, सुनीता साहू, चुनेस्वरी सिन्हा, नेमिन सिन्हा, हरिचंद बांधे, निलेश्वरी देवांगन, युवराज साहू आदि सरपंच शामिल थे।


