धमतरी
10 दिन बाद चक्काजाम की चेतावनी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
धमतरी, 11 फरवरी। प्रदेश में आदिवासियों के लिए 32 फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर सर्व आदिवासी समाज ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। सर्व आदिवासी की ओर से 32 फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर रैली निकाल कर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया।
आदिवासी नेता शिवचरण नेताम ने कहा कि अलग छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद आदिवासियों की जनसंख्या 32 फीसदी हो गई है। प्रदेश में करीब 60 फीसदी क्षेत्र पांचवीं अनुसूची क्षेत्र घोषित है। आदिवासियों के आर्थिक और सामाजिक, शैक्षणिक स्तर अभी भी बहुत पीछे है। इसे देखते हुए राज्य सरकार से उन्होंने 32 फीसदी आरक्षण देने की मांग की। जिलाध्यक्ष जीवराखन लाल मरई ने कहा कि आदिवासी समाज लगातार अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है। प्रताडऩा के समाधान के लिए 19 जुलाई-2021 से चरणबद्ध आंदोलन धरना-प्रदर्शन करते आ रहे हैं। 32 फीसदी आरक्षण न मिलने एवं पांचवी अनुसूची क्षेत्र में स्थानीय भर्ती में अनुरूप आरक्षण न मिलने से आदिवासी समाज शैक्षणिक और आर्थिक रूप से बहुत पिछड़ जाएंगे।
उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम संयुक्त कलेक्टर ऋषिकेश तिवारी को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों में निखिल नेताम, जयपाल सिंह ध्रुव, हरिशचंद मंडावी, ठाकुर राम नेताम, कल्याण नेताम, धनीराम, केवल सिंह नेताम, बलदाऊ नेताम, सोहन लाल नेताम, शत्रुघ्न सिंह, छगन लाल कंवर, गायत्री मंडावी समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल थे।
आंदोलन करना होगा तेज
आदिवासी नेता जगन्नाथ मंडावी ने कहा कि आदिवासियों के 32 फीसदी आरक्षण के लिए यथाशीघ्र अलग से विधेयक या अध्यादेश लाकर आरक्षण का लाभ दें। अन्यथा 10 दिन बाद आदिवासी समाज आंदोलन, घेराव, आदिवासी विधायकों का पुतला दहन, राजधानी घेराव, चक्काजाम, महाबंद करने बाध्य होगा।


