धमतरी
नक्सल प्रेस नोट में कहा- 2008 में गिरफ्तार हुर्इं, 2013 में रिहा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
धमतरी, 21 जनवरी। छत्तीसगढ़ में माओवादियों के मध्य रीजनल ब्यूरो के प्रवक्ता प्रताप ने प्रेस नोट जारी किया है। प्रेस नोट के माध्यम से प्रताप ने कहा कि, 57 साल की महिला माओवादी बिच्चे पुंगटी गांव में रहकर एक साधारण जिंदगी जी रही थी। बीमार होने की वजह से वह धमतरी जिले में इलाज करवाने गई हुई थी। उसे मोतियाबिंद था, लेकिन पुलिस ने वहां उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने आरोप लगाया है कि वह अब भी संगठन में सक्रिय है।
प्रताप ने कहा कि, साल 2008 में इसे केरल में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। फिर जेल भेजा गया। कुछ सालों तक जेल में रहने के बाद साल 2013 में बरी हो गई थी। जिसके बाद से संगठन के किसी भी काम में शामिल नहीं हुई थी। गांव में अन्य ग्रामीणों के साथ रहकर साधारण जिंदगी जी रही थी। 15 जनवरी 2023 को अपना इलाज करवाने के लिए धमतरी गई हुई थी। जिसे वहां पकड़ लिया गया।
10 साल से बीमार है महिला
माओवादी नेता ने कहा कि, बिच्चे करीब 10 साल से बीमार है। उसका इलाज करवाने की बजाए उसे जेल में डाल दिया गया है। माओवादियों ने पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध किया है।
ऐसे हुई थी गिरफ्तार
कुछ दिन पहले धमतरी जिला मुख्यालय से पुलिस ने 5 माओवादियों को गिरफ्तार किया था। इनमें 2 महिला और 2 पुरुष माओवादियों के साथ एक नाबालिग भी शामिल था। पुलिस ने बताया था कि, महाराष्ट्र के गढ़चिरौली कैडर की डीवीसी (डिवीजनल कमेटी मेंबर) कमला बाई उर्फ बिच्चे का इलाज करवाने धमतरी लेकर आए थे। जिन्हें मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। डीवीसी पर 8 लाख रुपए का इनाम घोषित है।
इनकी भी हुई गिरफ्तारी
नक्सली कमला बाई उर्फ बिच्चे के साथ नाबालिग समेत मनत राम पोया (27), मैनी जुर्रे (30), सुजन बाछर भी थे। इनकी पहचान भी नक्सलियों के रूप में की गई है। ये कांकेर समेत अन्य इलाकों में रहने वाले हैं। पुलिस अफसरों ने बताया कि, सभी माओवादियों की गिरफ्तारी कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पूछताछ में कई खुलासे भी हुए हैं।


