धमतरी
कई तरह के नशा और हाथों में चाकू ने बढ़ाया अपराध का ग्राफ
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
धमतरी, 3 जनवरी। जिले की जनसंख्या करीब 8 लाख है। यहां कानून-व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने 14 थाना और 2 पुलिस चौकी हैं। इसके अलावा महिला सेल, साइबर सेल, ट्रैफिक शाखा, आजाक शाखा जैसे विंग भी हैं। यहां करीब 1100 से ज्यादा पुलिस के अधिकारी-जवान तैनात हैं, इसके बावजूद जिले में अपराध का ग्राफ कम होने के बजाए बढ़ता ही जा रहा हैं।
बीते वर्ष-2021 में जहां कुल 1893 अपराध घटित हुए थे, वहीं वर्ष-2022 में यह आंकड़ा बढक़र 2093 हो गया। विडंबना यह है कि गंभीर किस्म के अपराधों में जिस तरह से बढ़ोतरी हो रही हैं, उसने समाज को झकझोर कर रख दिया हैं।
वर्ष-2022 में संगीन मामलों में हत्या जैसी जघन्य अपराधों ने पुलिसिंग पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है। जनवरी से लेकर दिसंबर महीने तक कुल 27 लोगों की हत्या हुई, जबकि इसके पहले वर्ष-2021 में 16 लोगों की हत्या हुई थी। हत्या के अधिकांश मामले में अवैध संबंध, नशापान, घरेलू कलह, सूदखोरी की बात सामने आई हैं।
अपराध का कारण बना नशापान
जिले में बढ़ते अपराध का मुख्य कारण आज नशापान के रूप में सामने आया है। शहर हो या गांव आज हर चौक-चौराहों, गली-मोहल्लों में नशीला पदार्थ आसानी से मिल जाता हैं। मेडिकलों में नशे की गोलियां, सिरप, बस्तियों में हर पांच-दस घरों के अंतराल में अवैध शराब की बिक्री तथा खुलेआम बिक रही गांजा ने अपराध को बढ़ावा दिया है।
घटना एक नजर में
जिले में बीते साल 133 नकबजनी और 218 चोरी के मामले भी दर्ज हुए है। जिले में 39 जगह पर बलवा भी हुआ है। छेडख़ानी के 26, धोखाधड़ी के 26, चोट के 61, आगजनी के 6, दहेज मृत्यु के 6, शीलभंग के 56, यौन उत्पीडऩ के 6 मामले दर्ज है। इसके अलावा प्रताडऩा के 11 और उपेक्षापूर्ण कार्य से मृत्यु के 143 मामले दर्ज है।
संगीन अपराध एक नजर में
अपराध 2021 2022
हत्या- 16 27
अपहरण- 47 48
लूट- 10 10
चोरी- 174 218
बलवा- 24 39
धोखाधड़ी- 24 26
शीलभंग- 53ह्यह्यह्य 56


