धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
धमतरी, 22 दिसंबर। दंतेश्वरी मंदिर परिसर रिसाईपारा धमतरी में श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह के 6वें दिन बाल व्यास भगवताचार्य पं ऋषभ त्रिपाठी ने बताया कि हमारे सभी धर्म ग्रंथ ज्ञान से भरे पड़े हैं। प्रचार प्रसार भी बहुत हो गया, जरूरत है तो उसे केवल आचरण में उतारने की। हमें सभी धर्म ग्रंथ जीवन जीने की कला सिखाती है, उठना- बैठना, बोलना-चलना, सोना- जागना, खाना- पीना, पहनना - ओढऩा, आना- जाना संस्कार, संस्कृति और सभ्यता को सिखाती है। बस उसे आचरण में लाना आवश्यक है। माता रुक्मिणी विवाह धूमधाम से मनाया गया।
भोजन में जब भक्ति प्रवेश करती है, तो वह प्रसाद बन जाती है, गीत में जब भक्ति प्रवेश करती हैं तो वह भजन बन जाता है। अत: हमारा हर कार्य प्रभु के स्मरण से हो तभी यह जीवन सार्थक है। आगे कथा का विस्तार करते हुए भगवान कृष्ण के विभिन्न लीलाओं का वर्णन किये जैसे बांसुरी वादन, वृंदावन रज की महिमा, राधा नाम की महिमा, रास लीला, गोपी विरह, रूक्मणी विवाह के साथ साथ अहिल्या, केवट, कुब्जा, रजक, क्वल्यपीड़ हाथी आदि के उद्धार की कथा विस्तार से कहीं। चाणूर, मुष्टिक, कंस एवं जरासंध के वध के माध्यम से बताया कि भगवान भक्त वत्सल है। अपने शरण में आए सभी जीवों मोक्ष प्रदान करते हैं।
कथा में राज मानस संघ धमतरी अध्यक्ष अर्जुन पुरी गोस्वामी, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया अध्यक्ष देवेंद्र मिश्रा, युवा नेता आनंद पवार, महेंद्र पंडित, रीतुराज पवार, हितेश गंगबेर, डा तिलक सिन्हा, डा दिनेश देशमुख, लोकेश्वर सिन्हा, मनराखन रजक, पं अखिलेश पाठक, मानस शक्ति केन्द्र धमतरी अध्यक्ष गंगा प्रसाद सिन्हा, दीपक सिन्हा, प्रहलाद पटेल, जोहन पाल, कन्हैया ग्वाल, नटवर लाल, मानिक साहू, तामेश्वर सेन, एवं एन आर यादव, कार्तिक साहू, चिरंजीव हिरवानी ने व्यास पीठ की पूजा कर आशीर्वाद प्राप्त किया।


