धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
नगरी, 22 दिसंबर। सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल घोषित करने के विरोध में नगरी जैन श्री संघ द्वारा अपना व्यवसाय बंद कर मौन रैली निकाली कर एसडीएम को ज्ञापन दिया गया। उक्त ज्ञापन देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, एवं झारखंड के मुख्यमंत्री, पर्यावरण विभाग के नाम से सौंपा गया।
ओसवाल भवन नगरी से सकल जैन श्री संघ के सदस्यों द्वारा व्यवसाय बंद कर भव्य मौन रैली निकालकर झारखंड स्थित जैनों के पवित्र तीर्थ स्थल जिसे झारखंड सरकार द्वारा पर्यटन स्थल घोषित किए जाने के विरोध में एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया।
वहीं ज्ञापन देते समय कहां गया कि जैनों के पवित्र तीर्थ स्थल को पर्यटन स्थल घोषित करने पर वहां की पवित्रता खतरे में आ जाएगी जहां पर जैनों के 20 भगवानों की मोक्ष स्थली शाश्वत है ऐसी जगह को पर्यटन स्थल घोषित करने पर वहां की पवित्रता को अपवित् होने का खतरा हमेशा बना रहेगा झारखंड सरकार द्वारा मांस की बिक्री पेड़ों की कटाई की अनुमति देना वहां घूमने आने वाले लोगों से उस पवित्र स्थान की पवित्रता खतम होगी जैसे कि घूमने आने वाले लोगों में मासिक धर्म की महिलाएं आएंगी घूमने आने जाने वाले लोग मांस मटन का भी सेवन करेंगे जूता चप्पल चमड़े का बैग पर्स लेकर वहां पहुंचेंगे दारु का सेवन कर अश्लील नृत्य अश्लील हरकत महिलाओं से छेड़छाड़ यह सब की संभावना बढ़ जाएगी, जिससे उस पवित्र जैन तीर्थ स्थल अपवित्र होने का खतरा हमेशा मंडराता रहेगा जिसको लेकर आज पूरे भारत देश में जैनियों द्वारा इसका विरोध मौन जुलूस निकालकर पूरा जोर विरोध किया गया।
इस मौन रैली में जैन श्री संघ के अध्यक्ष उत्तम गोलछा मूर्तिपूजक संघ के अध्यक्ष नितिन भंसाली, संघ के वरिष्ठ प्रकाश बोहरा गुलाब गोलछा, नरेश नाहटा, मोहन पहाडिय़ा, कुशाल ढेलडिय़ा, अजय नाहटा, बसंत बोहरा, कमल नाहटा, मांगीलाल सुराना, शिखर छाजेड़, राजेंद्र गोलछा, मोहन नाहटा, पुखराज भंसाली, गौतम नाहटा, नीलम संचेती, खेतमल गोलछा, नखत मल ढेलडिय़ा, अनिल छाजेड़, गगन नाहटा, प्रदीप भंसाली, गौतम मालू, अभय नाहटा, मनीष लोढा मिश्री ततेड, सनी छाजेड़, प्रदीप छाजेड़, केवल चोपड़ा, रमेश संचेती, मामू गोलछा, देवीचंद ढेलडिय़ा, सोहन गोलछा, सुमित बोहरा, अशोक संचेती, भंवरलाल ततेड एवं समस्त जैन श्री संघ के सदस्य शामिल रहे।
जैन श्री संघ के अध्यक्ष उत्तम गोलछा ने इस संबंध में कहा कि अगर सरकार अपने जिद में अड़ी रही तो इसके लिए जितना विरोध करना पड़ेगा जैन समाज हमेशा अपने पवित्र स्थल को बचाने के लिए आगे रहेगा चाहे इसके लिए जैन समाज को जो भी कष्ट सहना पड़ेगा उसके लिए हमेशा नगरी जैन श्री संघ तैयार रहेगा।


