दन्तेवाड़ा
उच्च स्तरीय जांच, एफआईआर और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बचेली, 5 जून। बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने जिला दंतेवाड़ा के बैलाडीला, बचेली, किरंदुल, पंडेवार, मिरतुर, गंगालूर सहित विभिन्न क्षेत्रों में सामने आए अवैध लौह अयस्क उत्खनन, भंडारण, परिवहन एवं संगठित तस्करी नेटवर्क को बस्तर की खनिज संपदा की खुली लूट बताते हुए जिला प्रशासन एवं राज्य शासन के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
संगठन ने कलेक्टर दंतेवाड़ा को ज्ञापन सौंपकर कहा है कि यदि समाचार पत्रों में प्रकाशित तथ्य सत्य है, तो यह केवल अवैध खनिज परिवहन का मामला नहीं बल्कि करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान, पर्यावरणीय विनाश, प्रशासनिक लापरवाही तथा संभावित विभागीय मिलीभगत का गंभीर प्रकरण है। संगठन ने उच्च स्तरीय जांच, एफआईआर और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की।
15 दिन में कार्रवाई नहीं तो जनआंदोलन
बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई प्रारंभ नहीं की गई, तो जिला दंतेवाड़ा में व्यापक लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक जनआंदोलन छेड़ा जाएगा।
संगठन ने कहा — बस्तर की खनिज संपदा की लूट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बस्तर की संपदा पर पहला अधिकार बस्तर की जनता का है।
रेमन मरकाम, जिला अध्यक्ष, दंतेवाड़ा ने कहा कि प्रशासन को इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को बेनकाब करना होगा। रामनाथ नेगी, बस्तर संभागीय महामंत्री ने कहा कि यदि शासन-प्रशासन ने कार्रवाई में ढिलाई बरती तो जनता के साथ सडक़ों पर उतरकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
संगठन ने मांग की कि खनिज, पुलिस, वन, राजस्व, परिवहन, रेलवे सुरक्षा बल एवं आर्थिक अपराध शाखा की संयुक्त एसआईटी/विशेष टास्क फोर्स गठित की जाए बेलाडीला, बचेली, किरंदुल, पंडेवार, मिरतुर व संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष छापामार अभियान चलाया जाए। रेलवे रैक पॉइंट, वेब्रिज, ई-रवन्ना, ट्रांजिट पास, सीसीटीवी फुटेज एवं सडक़ परिवहन लॉग की फॉरेंसिक ऑडिट कराई जाए। दोषियों, तस्करों, वाहन मालिकों, एजेंटों तथा मिलीभगत करने वाले अधिकारियों पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए। पिछले 5 वर्षों के लौह अयस्क परिवहन एवं डिस्पैच रिकॉर्ड की विशेष जांच कराई जाए। दोषी अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर विभागीय कार्रवाई की जाए।


