दन्तेवाड़ा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दंतेवाड़ा, 31 मई। धूम्रपान जीवन के लिए अभिशाप है। इसी संदेश के प्रचार - प्रसार हेतु विश्व तंबाकू निषेध दिवस का आयोजन 31 मई को किया जाता है। इस दौरान जिले में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इस अवसर पर मुख्य समारोह शासकीय दंतेश्वरी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दंतेवाड़ा में समाज कल्याण विभाग के सहयोग से जागरूकता एवं संकल्प कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों को धूम्रपान एवं तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना था।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. कृष्ण मुरारी प्रसाद ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और नशे की लत उनके स्वास्थ्य एवं भविष्य दोनों को प्रभावित करती है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवन अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग के अधिकारी डॉ. संतोष टोप्पो ने तंबाकू सेवन को गंभीर सामाजिक एवं स्वास्थ्य चुनौती बताते हुए कहा कि विभाग लगातार जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से लोगों को नशे से दूर रखने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने युवाओं की सक्रिय भागीदारी को नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए आवश्यक बताया।
मनोविज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. दिनेश कुमार लहरी ने धूम्रपान की लत के मनोवैज्ञानिक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मजबूत इच्छाशक्ति, सकारात्मक सोच और सही मार्गदर्शन से किसी भी प्रकार के व्यसन से मुक्ति पाई जा सकती है। सभी को धूम्रपान एवं तंबाकू सेवन से दूर रहने तथा दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की सामूहिक शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकों, समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।


