दन्तेवाड़ा

आधुनिक उपकरण से किसानों में उत्साह
08-May-2026 10:24 PM
आधुनिक उपकरण से किसानों में उत्साह

दंतेवाड़ा, 8 मई। दंतेवाड़ा में सुशासन तिहार के  दौरान विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को आधुनिक उपकरण निशुल्क प्रदान किये जा रहे हंै। इससे हितग्राहियों में हर्ष नजर आ रहा है। इसी कड़ी में विगत दिवस भूसारास और हल्बारास में संपन्न हुए सुशासन शिविर में मत्स्य विभाग द्वारा मत्स्य पालकों को उन्नत जाल और आईस बाक्स प्रदाय किया गया। जिससे उनके व्यवसाय में सुविधा मिल सके।

  विकासखंड कटेकल्याण अंतर्गत ग्राम भूसारास में विगत बुधवार को शिविर में हितग्राही हिड़मा मण्डावी एवं महादेव मरकाम को सामग्रियां मिली। इस संबंध में हिड़मा ने बताया कि वह विगत 10 वर्षों से अपने स्वयं की भूमि में 0.20 हे. का तालाब निर्माण कर भारतीय मेजर कार्प रोहू, कतला, मृगल का संचयन कर मछली पालन का कार्य कर रहा हैं। इनके द्वारा उसे प्रतिवर्ष 30 से 40 हजार रूपये मछली विक्रय कर आमदनी होती हैं।

हिड़मा ने बताया कि पूर्व में इनके पास जाल उपलब्ध नहीं थे। जिसके फलस्वरूप किराये से जाल लाकर मत्स्याखेट करना पड़ता था।    हितग्राही महादेव मरकाम पिता हड़मा ग्राम भूसारास के मत्स्य कृषक को सुशासन तिहार में विभागीय फुटकर मछली विक्रय योजना अंतर्गत मछली विक्रय हेतु आइस बॉक्स प्रदाय किया गया है। इसके पहले कृषक महादेव को अपने तालाब से निकाली गई मछली को तुंरत आस-पास के स्थानीय बाजारों में ले जाना पड़ता था।

और मछली स्टोरेज करने हेतु आईस बाक्स न होने से मछलियों के खराब होने की स्थिति आ जाती थी। लेकिन अब महादेव खुश है क्योंकि सुशासन शिविर में आईस बाक्स प्रदान किया गया।

हल्बारास में दिया लाभ

 ग्राम पंचायत हल्बारास वि.ख. कुआकोंडा में मत्स्य कृषक परमेश्वर  पिता नवल राना एवं श्री सुनील कुमार भोयर पिता सामनाथ भी मत्स्य सामग्रियों से लाभान्वित हुए। कृषक परमेश्वर राना द्वारा विगत 08 वर्षों से अपने स्वयं के भूमि में 0.50 हे. का तालाब निर्माण कर मछली पालन का कार्य किया जा रहा है जिससे उन्हें प्रतिवर्ष 60 से 70 हजार की आमदनी प्राप्त हो रही है। पूर्व में कृषक के पास मत्स्याखेट हेतु जाल उपलब्ध नही होने के कारण मछली पकडऩे में परेशानी हो रही थी। कृषक को सुशासन तिहार मे द्वारा मत्स्यासेट हेतु जाल प्रदाय किया गया। जिससे कृषक को अब मछली पकडऩे में कोई परेशानी नही होगी। वही सुनील कुमार के पास भी पूर्व में मछली विक्रय हेतु बाजार तक ले जाने का कोई साधन नहीं था। जिससे मछली खराब होने की संभावना बनी रहती थी। आईस बाक्स मिलने से जिससे कृषक को बाजार तक मछलियां ले जाने में सुविधा होगी।


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