दन्तेवाड़ा
दंतेवाड़ा, 8 अप्रैल। प्रवासित परिवारों के प्रतिनिधियों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं मांगों को विस्तार से जाना गया। बैठक के दौरान कई परिवारों ने बताया कि वे वर्तमान में अन्य राज्यों में निवास कर रहे हैं और वहीं स्थायी रूप से बसना चाहते हैं, जिसके लिए उन्हें जमीन का पट्टा, जाति प्रमाण पत्र तथा निवास प्रमाण पत्र जैसी आवश्यक दस्तावेजों की जरूरत है। वहीं कुछ प्रवासित परिवारों ने अपने मूल राज्य में वापस आकर बसने की इच्छा भी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें भूमि, आवास, रोजगार एवं मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, तो वे पुन: अपने राज्य में रहना पसंद करेंगे। प्रशासन द्वारा सभी बिंदुओं को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया गया कि संबंधित समस्याओं को राज्य एवं उच्च स्तर पर रखा जाएगा तथा उचित समाधान के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
31098 सदस्य पड़ोसी राज्यों के निवासी
बैठक में वर्ष 2005-06 के सलवा जुडूम आंदोलन के दौरान दंतेवाड़ा, सुकमा एवं बीजापुर जिलों से विस्थापित हुए परिवारों की स्थिति, सर्वेक्षण रिपोर्ट एवं पुनर्वास की संभावनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में बताया गया कि प्रवासित परिवारों की ओर से 11 मार्च 2022 को तेलंगाना राज्य के भद्राद्री कोत्तागुडेम जिले के बुर्गमपहाड़ क्षेत्र निवासी श्री वेट्टी भीमैया द्वारा राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग, नई दिल्ली में याचिका प्रस्तुत की गई थी। इस याचिका पर आयोग द्वारा 09 जनवरी 2025 एवं 08 सितंबर 2025 को सुनवाई की गई। 08 सितंबर 2025 की बैठक के बाद आयोग ने छत्तीसगढ़ शासन को एक माह के भीतर सर्वेक्षण कर प्रवासित परिवारों की सूची प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इसके पश्चात 19 जनवरी 2026 को आयोजित बैठक में भी आयोग ने पुन: सर्वेक्षण पूर्ण कर जानकारी भेजने के निर्देश दिए। निर्देशों के पालन में आयुक्त, बस्तर संभाग द्वारा समयबद्ध कार्यक्रम जारी करते हुए दंतेवाड़ा, सुकमा एवं बीजापुर जिलों के कलेक्टरों को 15 दिवस के भीतर सर्वेक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। इसके तहत फरवरी एवं मार्च 2026 में संबंधित जिलों द्वारा तेलंगाना के भद्राद्री कोत्तागुडेम, मुलुगु, खम्मम एवं भूपालापल्ली तथा आंध्रप्रदेश के अल्लूरी सीतारामराजू एवं एल्लूरू जिलों में प्रवासित परिवारों का विस्तृत सर्वेक्षण किया गया।
सर्वेक्षण में यह तथ्य सामने आया कि बस्तर संभाग के कुल 6,939 परिवारों के 31,098 सदस्य वर्तमान में तेलंगाना एवं आंध्रप्रदेश में निवासरत हैं। -


