दन्तेवाड़ा
1.5 लाख करोड़ के कथित वित्तीय घोटाले की सीबीआई जांच की मांग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बचेली, 3 दिसंबर। एनएमडीसी के सीएमडी के बैलाडीला प्रवास के दौरान जहां अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वागत किया, वहीं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया। कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए और ज्ञापन सौंपने के लिए मिलने का प्रयास किया, पर बताया गया कि समय उपलब्ध नहीं है।
जनता कांग्रेस जे के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी के निर्देश पर, संभागीय अध्यक्ष तथा बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के संयोजक नवनीत चांद की अगुवाई में 2 दिसंबर को बस स्टैंड के पास प्रवेश द्वार चौक में पुतला दहन किया गया।
1.5 लाख करोड़ रुपये के कथित घोटाले का आरोप
पार्टी द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि छत्तीसगढ़ में लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये का वित्तीय घोटाला हुआ है। यह मामला सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई एनएमडीसी के निजीकरण, नगरनार प्लांट, बैलाडिला खदानों और संभावित राजस्व हानि से जुड़ा है।
यह प्रक्रिया राज्य सरकारों, केंद्रीय मंत्रालयों और निजी कॉर्पोरेट कंपनी आर्सेलर मित्तल निप्पॉन स्टील के बीच सुनियोजित साजिश का परिणाम प्रतीत होती है — ऐसा आरोप पार्टी ने लगाया है। ज्ञापन में कहा गया है कि नगरनार प्लांट की संपत्ति का मूल्य लगभग 26 हजार करोड़, बैलाडिला खदानों का मूल्य लगभग 85 हजार करोड़ और 40 हजार करोड़ की संभावित राजस्व हानि मिलाकर यह राशि 1.5 लाख करोड़ होती है।
पार्टी ने सीबीआई जांच के आधार के रूप में निम्न बिंदु शामिल किए हैं— भूमि एवं संपत्ति का अवैध हस्तांतरण, खनिज संसाधनों की अनियमित निकासी, वित्तीय अनियमितता, शेयरधारिता में हेरफेर, केंद्रीय मंत्रालयों की भूमिका, 3 अक्टूबर 2023 को प्रधानमंत्री द्वारा किए गए सार्वजनिक वादों और कार्यवाही में कथित विसंगति।
जांच और अन्य कार्रवाई की मांग
पार्टी ने मांग की है कि मामले की सीबीआई से विस्तृत जांच कराई जाए। ईडी द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग की जांच हो। आर्सेलर मित्तल को दी गई सभी मंजूरियों को निलंबित या रद्द किया जाए। एनएमडीसी स्टील में हिस्सेदारी की बिक्री पर रोक लगाई जाए।
इससे पहले अमित जोगी ने सीबीआई को पत्र लिखकर जांच की मांग की थी। उन्होंने सभी निजीकरण प्रस्तावों को वापस लेने, एनएमडीसी स्टील के सीएमडी से सार्वजनिक माफी और नगरनार प्लांट को सार्वजनिक इकाई बनाए रखने की गारंटी की मांग की।
स्थानीय मुद्दों को भी जोड़ा गया
ज्ञापन में पर्यावरण प्रबंधन से जुड़े मुद्दे, स्थानीय लोगों की परेशानियां, पौधारोपण एवं पर्यावरण व्यय में अनियमितता, शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े प्रश्न, पेसा कानून व पुनर्वास नियमों के अनुपालन पर सवाल, स्थानीय लोगों के रोजगार में प्राथमिकता न मिलने जैसे स्थानीय मुद्दों को भी उठाया है।
पार्टी ने कहा है कि यदि 10 दिसंबर तक कोई पहल नहीं होती, तो किरंदुल-बचेली में आंदोलन और आगे चलकर राज्यव्यापी जन आंदोलन करने की योजना है।
कार्यक्रम में बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा और जनता कांग्रेस जे के पदाधिकारी उपस्थित थे, जिनमें रेमो मरकामी, रामनाथ नेगी, लखमा कोराम, कुरसो राम मौर्य, पी. प्रसाद राजू, विजय कुमार सोनवानी, जगदीश नायक, हिमांशु आनंद, रमेश यादव, हिडमा पोड्याम सहित कई स्थानीय कार्यकर्ता और क्षेत्र के लोग शामिल थे।


