स्थानीय बेरोजगारों को नौकरी नहीं देने का आरोप
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 2 अप्रैल। बलौदाबाजार रवान के अंबुजा अडानी सीमेंट संयंत्र में प्रबंधन के वादाखिलाफी रवैये के चलते इंटक यूनियन ने एक बार अपने अधिकारों के लिए हल्लाबोल कर दिया है ।
संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि पिछले 8 माह पहले श्रमिकों के अधिकारों को लेकर संगठन पदाधिकारी व श्रमिकों के द्वारा आंदोलन करते हुए आवेदन सौंपा गया था। तब संयंत्र मैनेजमेंट द्वारा मजदूरों का मांग जल्द पूरा करने का बात तय हुई थी। जिसके चलते इंटक यूनियन द्वारा आंदोलन विराम कर दिया गया था, परंतु 8 माह बीत जाने के बाद भी संयंत्र प्रबंधन द्वारा मांगों को लेकर किसी भी प्रकार रवैया नहीं देखने को मिल रहा है।
पदाधिकारियों का कहना है कि हमारे द्वारा कई बार लिखित एवं मौखिक निवेदन प्रतिवेदन दिया गया, जिस पर मैनेजमेंट का अब तक गोल-मोल जवाब आता है, जिससे प्रबंधन का वादाखिलाफी रवैया स्पष्ट दिखाई दे रहा है। प्रबंधन हर बार की तरह इस बार भी महीने में हो जाएगा, कहकर आश्वासन दे रहे हैं, जिससे मजदूरों में आक्रोश बढ़ते जा रहा है।
मजदूरों की मांग जल्द पूरा नहीं की गई तो इंटक यूनियन के बैनर तले जल्द अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। मांगों को लेकर व बाहरी आउटसोर्सिंग व स्थानीय बेरोजगारों को रोजग़ार उपलब्ध नहीं कराने की स्थिति में ये संघर्षशील आंदोलन जारी रहेगा।
श्रमिकों की मांग है कि पेंकिंग प्लांट में श्रमिकों को 8 घंटे शिफ्ट ड्यूटी दी जाए, प्लांट के 4 लोडर को एक वर्ष पूर्व काम बंद किया गया था, उसे जल्द काम पर वापस रखा जाए, लोडर एवं ऑपरेटर को टन और एलाउंस को अलग कर पेमेंट दिया जाए, गेट क्लोजर अलग से रखा जाए, समस्त ठेका श्रमिकों का वार्षिक वेतन वृद्धि का जल्द भुगतान किया जाए, माइंस में ठेका श्रमिकों को छुट्टी का लाभ दिया जाए, सभी ठेका श्रमिक को नया ठेका दिया गया है, उस पर पहले काम में रखा जाए, समस्त ठेका श्रमिक को शासन से मिलने वाली सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए, आउट सोर्सिंग बंद कर लोकल लोगों को काम पर पहले प्राथमिकता दी जाए।
इंटक यूनियन अध्यक्ष चेतेंद्र वर्मा, महासचिव राधेश्याम भतपहरे, कोषाध्यक्ष टाकेश्वर साहू, सचिव गोकरण साहू, सदस्य अशोक साहू, तिहारी, डागेश साहू आदि ने कहा कि यदि जल्द श्रमिकों की मांग पूरी नहीं की गई तो इंटक यूनियन के बैनर तले जल्द अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। जिसका जिम्मेदार प्रबंधन स्वयं होगा।
इस विषय पर प्रबंधन के जिम्मेदारों से सवाल पूछे जाने पर सब सवालों से बचते नजर आए।
पदाधिकारियों का कहना है कि हम श्रमिकों व अधिकारों के लिए लामबंद हुए है और श्रमिकों की मांग जायज है, जिसके लिए संगठन द्वारा कई बार मांगो को लेकर प्रबंधन को ज्ञापन सौंप चुके, लेकिन मांगों को दरकिनार किया जा रहा है जो कि मजदूरों के साथ अन्याय है, जिसके लिए शांतिपूर्ण तरीके से हम सभी यहां एकत्रित हुए हैं।