बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 2 अप्रैल। इस साल मार्च में ही क्षेत्र के प्राय: गांव में पेयजल की समस्या गहरा चुकी है। रवान, झीपन, खपराडीह, तिल्दाबांधा आदि गांव में पानी के लिए हाहाकार मच गया है।
अक्टूबर के बाद से अब तक बारिश नहीं होने और गांव-गांव सैकड़ो एकड़ में रवि के धान फसल बोने और स्टोन क्रशर और सीमेंट संयंत्रों के गहरे पत्थर खदानों के कारण क्षेत्र के गांव का जलस्तर इतना नीचे जा चुका है कि पुराने बोर से पानी निकलना तो बंद हो ही चुका है। नए ट्यूबवेल को 500 फीट तक खुदवाने के बाद भी पानी नहीं मिल पा रहा है।
इधर, नवनिर्वाचित सरपंचों के पास कहीं से बजट नहीं होने के बावजूद प्रतिदिन दर्जनों टैंकर पानी मंगा कर लोगों का प्यास बुझाने की मजबूरी है।
खपराडीह सरपंच गजेंद्र वर्मा ने बताया कि लगभग 2000 की आबादी वाले गांव में हैंडपंप तो कभी का जवाब दे चुके हैं। चार सार्वजनिक और 200 निजी ट्यूबवेल भी पूरी तरह सूख जाने के कारण किसान रामकुमार बाघमार के खेत में खुदे ट्यूबवेल से प्रतिदिन 10 ट्रैक्टर टैंकर से गांव में पानी मंगा कर महामाया चौक, सहाडा देव चौक, बजरंग चौक, सतनामी मोहल्ला और बीच गली में खड़ा करके लोगों को पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। कुछ दिनों के बाद सुहेला अथवा अन्य गांव में पेयजल मांगना पड़ेगा
तालाब सूखने से हो रही निस्तारी की समस्या
ग्राम की मोनिका बाघमार राजेश बाघमार उप सरपंच मधु नायक आदि महिलाओं ने बताया कि एक तरफ पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है तो दूसरी ओर तालाब सूख जाने के कारण निस्तारी कठिन हो गई है। कमल नारायण बाघमार, भोजराम वर्मा, मनहरण यदि आदि ग्रामीणों ने कहा कि गांव में तीन तालाब हैं। जिसमें से दो पूरी तरह सूख चुके हैं। तीसरा 18 एकड़ के पथरा तालाब में पानी का काफी कम हो जाने के कारण इतना दूषित हो चुका है कि नहाने और हाथ पैर धोने में खुजली होने लगी है।
लोगों ने बताया कि पुरुष वर्ग 1 किलोमीटर दूर मुक्ति धाम के पास खुदे तालाब से निस्तारी स्नान आदि कर पा रहे हैं परंतु महिलाओं के लिए विकट स्थिति बन गई है।
झीपन के संतोष वर्मा, केदार वर्मा आदि लोगों ने बताया की 45000 45000 रुपए प्रति महीने में लगे दो ट्रैक्टर टैंकर दिन भर गांव के लिए पानी हो रहे हैं।
वहीं आमाकोनी सरपंच मनीष साहू चुनाव जीतने के दूसरे दिन से ही पेयजल के लिए ट्रैक्टर टैंकर लगाकर रखा है। रवान उप सरपंच ने पेयजल के लिए त्राहि त्राहि मचाना बताते हुए कहा कि नए बोर खनन के दौरान 500 मीटर में धूल उड़ रही है। वहां भी ट्रैक्टर से पेयजल ढोना पड़ रहा है। सरपंच प्रतिनिधि अनिल यादव ने बताया कि तिल्दाबांध में तो चुनाव के पहले ही पानी की समस्या शुरू हो चुकी थी


