‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
उतई, 22 जून। डिजिटल अस्टेट कर 54 लाख 90 हजार रुपये की सायबर ठगी करने वाले 2 और आरोपी को मुंबई महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया गया। घटना में प्रयुक्त मोबाईल एवं आधार कार्ड को जब्त किया गया। पूर्व में चार आरोपियों को लखनऊ उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया था।
पुलिस के अनुसार प्रार्थिया नम्रता चन्द्राकर निवासी प्रगति नगर रिसाली ने थाना नेवई में आवेदन पेश किया कि 29 अप्रैल को 3 अज्ञात मोबाईल धारकों द्वारा स्वयं को सीबीआई अधिकारी बताकर आवेदिका के पिता को वीडियो कॉल कर उनके नाम का केनरा बैंक का खाता को नरेश गोयल को बेचे हो, जिसमें 2 करोड़ रू का मनी लांॅड्रिंग हुआ है, उनका सहयोग करने कहकर सभी सदस्यों की संपत्ति की सारी जानकारी लेकर, गिरफ्तारी का भय दिखाकर अलग अलग खातें व किस्तों में 29 अप्रैल से 29 मई के मध्य 54,90,000/- रू. छलपूर्वक जमा कराकर ठगी करने के संबंध में पेश किया है। आरोपियों के विरुद्ध थाना नेवई में अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया।
विवेचना दौरान के दौरान पूर्व में लाभार्थी के खाता में 29 मई को 9 लाख रुपये आया था। जिसके संबंध में सायबर सेल भिलाई से एवं बैंक संबंधी जानकारी प्राप्त कर आरोपी लखनऊ उत्तरप्रदेश का होने से पुलिस टीम रवाना कर आरोपी दीपक गुप्ता, राजेश विश्वकर्मा, कृष्ण कुमार, शुभम श्रीवास्तव को पूछताछ करने पर अपराध करना स्वीकार किए जाने से गिरफ्प्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
प्रकरण के अन्य आरोपियों की पतासाजी हेतु फ्राड किये रकम के संबंध में पुन: जानकारी सायबर सेल भिलाई एवं बैंक से प्राप्त करने पर संदेहियों के संबंध में तकनीकी जानकारी मिली कि फ्राड के रकम 4 लाख रूपये आईसीआईसीआई बैंक शाखा मानपाडा जिला ठाणे महाराष्ट्र जिसका खाताधारक चंदन बालकरण सरोज महाराष्ट्र का होने के संबंध में जानकारी प्राप्त होने पर आरोपी की पतासाजी के लिए एक विशेष टीम गठित कर मुंबई महाराष्ट्र रवाना किया गया।
आरोपी खाताधारक को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर बताया कि रूषिकेस जोशी द्वारा तुम्हारे खाते की जरूरत है, जिसमें कुछ रकम आएंगे जिसका तुम्हें कमीशन मिलेगा, कहने पर आरोपी द्वारा अपने आईसीआईसीआई बैंक के खाता को रूषिकेस को दे दिया, जिसमें अलग-अलग किस्तों में 4 लाख रूपये आया है।
आरोपी रूषिकेस जोशी को पूछताछ करने पर चंदन के खाते का उपयोग करना जिसके खाते में 4 लाख रू. आना जिसमें 4000 रूपये कमीशन मिलना बताया है। आरोपियों का कृत्य धारा सदर का अपराध घटित करना पाये जाने से घटना में प्रयुक्त मोबाइल एवं आधार कार्ड को जब्त किया गया एवं 21 जून को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।