रायपुर

निजी अस्पतालों में माहभर में प्राधिकार तय हो-अकबर
28-Feb-2021 6:22 PM 45
 निजी अस्पतालों में माहभर में प्राधिकार तय हो-अकबर

पर्यावरण संरक्षण मण्डल अधिकारियों की बैठक

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 28 फरवरी। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर ने आज राजधानी के शंकर नगर स्थित अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने बैठक में चर्चा करते हुए राज्य के सभी निजी चिकित्सा संस्थानों में जीव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन नियम के अंतर्गत महीनेभर में अनिवार्य रूप से प्राधिकार तय कराने के सख्त निर्देश दिए।

उन्होंने मंडल के समस्त क्षेत्रीय अधिकारियों को अपने-अपने कार्य क्षेत्र के अंतर्गत नगरीय निकायों से जनित घरेलू दूषित जल उपचार के लिए संयंत्र स्थापना प्रगति का मौके पर निरीक्षण के लिए निर्देशित किया। वहीं इसकी प्रगति की जानकारी 10 दिन में हर हालत में उपलब्ध कराने कहा। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल सचिव आरपी तिवारी सहित समस्त क्षेत्रीय अधिकारी उपस्थित थे।

पर्यावरण मंत्री श्री अकबर ने जिलेवार निजी चिकित्सा संस्थानों द्वारा जीव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 के अंतर्गत ली जाने वाली प्राधिकार की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अब तक शेष निजी चिकित्सा संस्थानों में लंबित प्राधिकार को एक माह में हर हालत में सुनिश्चित कराने के निर्देश सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को दिए। राज्य में वर्तमान में निजी चिकित्सा संस्थानों की संख्या 3 हजार 69 है। इनमें से अब तक एक हजार 997 निजी चिकित्सा संस्थानों द्वारा प्राधिकार प्राप्त कर लिए गए हैं।

बैठक में बताया गया कि उक्त प्राधिकार के दायरे में सभी निजी क्लीनिक, ब्लड बैंक, आयुर्वेदिक क्लीनिक तथा पैथालॉजी लैब शामिल हैं। इनमें से जिनके पास बिस्तरीय सुविधा है, उन्हें प्रत्येक वर्ष प्राधिकार लेना होगा। इसके अलावा जहां बिस्तरीय सुविधा नहीं है, उन्हें जीवनभर के लिए जीव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन नियम के तहत केवल एक बार ही प्राधिकार लेना होगा। इन चिकित्सा संस्थानों से निकलने वाले अपशिष्ट अथवा अवशेष का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए इन्हें प्राधिकार के दायरे में लाया गया है।

बैठक में बताया गया कि वर्तमान में रायपुर क्षेत्र अंतर्गत छह एमएलडी क्षमता का भाठागांव, 75 एमएलडी क्षमता का चंदनडीह, 35 एमएलडी क्षमता का कारा तथा 90 एमएलडी क्षमता का निमोरा में घरेलू दूषित जल उपचार संयंत्र निर्माणाधीन है। इसी तरह रायगढ़ के बड़ेअतरमुड़ा में 25 एमएलडी क्षमता तथा बांजिनपाली में 7 एमएलडी क्षमता का दूषित जल उपचार संयंत्र निर्माणाधीन है। बैठक में यह भी बताया गया कि राज्य के अन्य 74 नगरीय निकायों से जनित घरेलू दूषित जल के उपचार हेतु 78 घरेलू दूषित जल उपचार संयंत्र की स्थापना की जाएगी।

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