धमतरी

जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक तीन में होगा रोचक मुकाबला
14-Feb-2025 3:11 PM
जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक तीन में होगा रोचक मुकाबला

भाजपा-कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी कर रहे डोर-टू-डोर प्रचार

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कुरुद, 14 फरवरी। 
कुरुद विधानसभा अंतर्गत आने वाली जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 3 में अपने प्रत्याशी गौकरण साहू  का प्रचार जोरों से चल रहा है। यहां कांग्रेस समर्थित लकेश्वर साहू से उनका मुकाबला कड़ा हो गया है। 

विधानसभा मुख्यालय के मध्य भाग में स्थित जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 3 में पिछला चुनाव कांग्रेस समर्थित सुमन संतोष साहू ने जीता था। पांच साल सभापति रहने के बाद उन्होंने इस चुनाव में अपनी दावेदार पेश करने की जगह यहाँ प्रत्याशी लाने का समर्थन किया। लेकिन पार्टी फोरम में हुए तगड़े विरोध के बाद वे चुप बैठ गए हैं। तब अनारक्षित मुक्त इस सीट से कांग्रेस ने क्षेत्र के दबंग नेता के कहने पर गोबरा के पूर्व सरपंच लकेश्वर साहू को मौका दिया है।

सीमित संसाधन और कार्यकर्ताओं के साथ खरसेंगा, चटौद, फुसेरा, परसट्टी, गोजी, अछोटी, बकली, नारी, दहदहा आदि गाँवों का सघन जनसंपर्क अपने चुनाव चिन्ह पंतग के पक्ष में मतदान करने मतदाताओं से गुहार लगा चुके हैं। कांग्रेसी उम्मीदवार मतदाताओं को प्रदेश बिजली बिल में बढ़ोतरी, महंगाई, बढते अपराध, देश में बढते कर्ज के लिए भाजपा सरकार को दोषी बता कांग्रेस को मजबूत करने की बात समझा रहे हैं। 

दूसरी ओर भाजपा क्षेत्र क्रमांक 3 को कांग्रेस मुक्त करने इस बार भाजपा ने अपने अनुभवी नेता भाजपा जिला उपाध्यक्ष गौकरण साहू को मैदान में उतारा है। 
चुनाव संचालक थानेश्वर तारक, मंडल अध्यक्ष लोकेश साहू, गौरव भोसले, नरेंद्र ध्रुवंशी, देवेंद्र साहू आदि पार्टी नेताओं के साथ 36 में से 30 पंचायतों का दौरा कर चुके हैं। तीन बार सरपंच रहते हुए राष्ट्रपति, राज्यपाल से नंबर वन का खिताब जीतने वाले गौकरण साहू ने धमतरी जिला में ग्राम पंचायत कठौली को सबसे पहले ओडीएफ कराने का सम्मान दिलाया था।
 वर्तमान में उनकी जनपद सदस्य पत्नी तामेश्वरी साहू की भूमिका भी हमेशा ही क्षेत्र की सेवा करने में अग्रणी रही है। इस चुनाव में उन्हें इन सब का लाभ मिलेगा इस उम्मीद से वे दिन रात प्रचार में लगे हुए हैं। इस सीट में दोनों ही दल में कुछ पेंच फंसा हुआ है। 

वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मुंह फुलाए घर बैठे हुए हैं, उन्हें मुखिया के द्वारा मनाने बूझाने का कोई प्रयास नहीं किया गया है। इस चुनाव में उनकी भूमिका को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। 

ठीक इसी तरह कांग्रेस भी निवृत्तमान सभापति और उनके पति की भूमिका को लेकर आशंकाओं से घिरी हुई है। सुनने में आया है कि वे जल्द ही पाला बदल विकास पुरुष के खेमे में शामिल हो सकते हंै। 


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