बिलासपुर
ईशा और सिद्धी के साथ ओपन केज में रखा गया, वंशवृद्धि की उम्मीद
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 17 अक्टूबर। कानन पेंडारी चिड़ियाघर में अब व्हाइट टाइगर परिवार फिर से बड़ा होने की उम्मीद जग गई है। ग्वालियर वन्यप्राणी संग्रहालय से एक नर व्हाइट टाइगर ‘रमन’ को यहां लाया गया है। रमन के आने के बाद उसे मादा टाइगर ईशा और सिद्धी के साथ ओपन केज में रखा गया है। चिड़ियाघर प्रबंधन को उम्मीद है कि इससे आने वाले वर्षों में व्हाइट टाइगर की संख्या में वृद्धि होगी।
कानन पेण्डारी में पहले व्हाइट टाइगर की संख्या तीन थी। इनमें से दो मादा थीं, जिनमें एक 10 वर्ष की बाधिन थी, जबकि एक नर और एक मादा व्हाइट टाइगर इन्हीं के संतान थे। रक्त संबंधों के कारण इनसे आगे ब्रीडिंग संभव नहीं थी। इस वजह से प्रबंधन को एक स्वस्थ और परिपक्व नर व्हाइट टाइगर की तलाश थी।
देशभर के कई जू से संपर्क करने के बाद ग्वालियर वन्य प्राणी संग्रहालय ने एक टाइगर देने की सहमति दी। इसके लिए कानन पेण्डारी प्रबंधन ने केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण को प्रस्ताव भेजा, जिसे स्वीकृति मिल गई। इसके बदले ग्वालियर जू को कानन पेण्डारी से भालू ‘मालू’ और चौसिंगा ‘चेसिया’ भेजे गए हैं।
कुछ महीने पहले कानन पेण्डारी में जन्मे व्हाइट टाइगर ‘आकाश’ की हृदय गति रुकने से मृत्यु हो गई थी। उसके बाद चिड़ियाघर में केवल दो मादा टाइगर ही बची थीं। अब रमन के आने से व्हाइट टाइगर की संख्या फिर से तीन हो गई है, जिससे ब्रीडिंग की नई संभावना बनी है।
चिड़ियाघर के डॉक्टर पी.के. चंदन और उनकी टीम ग्वालियर से रमन को लाकर सुरक्षित केज में रख चुकी है। वहीं चिड़ियाघर में मौजूद बुजुर्ग टाइग्रेस ‘रागिनी’, जो 22 वर्ष की हो चुकी है, अब भी स्वस्थ है और उसे रेस्क्यू सेंटर में विशेष निगरानी में रखा गया है।
कानन पेंडारी के प्रबंधन ने बताया कि रमन लगभग एक वर्ष का है और फिलहाल नए वातावरण के अनुकूल हो रहा है। आने वाले समय में उससे वंशवृद्धि की संभावना है।


