बेमेतरा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बेमेतरा, 7 मई। डाइट में कक्षा सातवीं के नवीन पाठ्य पुस्तक पर आधारित चारों विकासखंड के बीआरजी का पांच दिवसीय प्रशिक्षण विषय सामाजिक विज्ञान, अंग्रेजी, संस्कृत, हिन्दी, गणित और विज्ञान विषय का प्रशिक्षण चल रहा है। प्रशिक्षण के तीसरे दिन डाइट प्राचार्य जे के घृतलहरे ने प्रशिक्षार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण किसी भी व्यक्ति के कौशल, ज्ञान और दक्षता को बढ़ाने की एक व्यवस्थित प्रक्रिया है, जो शिक्षकों के आत्मविश्वास और प्रदर्शन में सुधार करती है। यह शिक्षकों को नई ऊर्जा के साथ कार्य करने प्रेरित तो करती ही है साथ ही नई तकनीकों से परिचित कराने और करियर विकास के अवसर प्रदान करने के लिए अत्यंत आवश्यक है। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन बेमेतरा की रिसोर्स परसन अंकिता पुरोहित ने सामाजिक अध्ययन की प्रकृति और सामाजिक विज्ञान के शिक्षण में कौन-कौन सी चुनौतियां हैं और नई पाठय पुस्तक के अनुसार बच्चों के समग्र विकास और अनुभव एवं समझ आधारित रहने के बजाय करके सीखने पर बल दिया गया। इसके पश्चात समूह कार्य में सभी प्रशिक्षार्थियों को तीन समूह मौसम, ऋतु, और जलवायु में बाँटकर तीनों समूह को मौसम क्षेत्र और जलवायु को वर्षा क्षेत्र को नक्शा में दर्शाकर विशेषता लिखकर प्रस्तुत करने को कहा गया।
सभी प्रशिक्षार्थियों ने बहुत सुंदर अपनी प्रस्तुति दी।
इसी तरह संस्कृत विषय में मास्टर ट्रेनर्स डॉ निलेश तिवारी, दौलत राम साहू, डालेश्वरी साहू ने प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण दिया। विज्ञान विषय में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की श्रेया ने गतिविधियों, चार्ट पेपर और प्रायोगिक कार्य के द्वारा प्रशिक्षार्थियों को सुंदर प्रशिक्षण प्रदान किया। हिंदी विषय में मास्टर ट्रेनर्स विरेन्द्र राठौर, तेखन सिंह वर्मा और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन से रिसोर्स परसन वसीम खान ने बढिय़ा प्रशिक्षण प्रदान दिया। अंग्रेजी विषय प्रशिक्षण में भागवत प्रसाद बानी (मास्टर ट्रेनर) ने विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य संरक्षण, संवर्धन तथा समग्र कल्याण संबंधी जानकारी प्रशिक्षणार्थियों को अवगत कराया गया एवं 7वीं कक्षा अंग्रेजी भाषा (पूर्वी) गतिविधियों और अभ्यासों के माध्यम से भाषा कौशलों को किस प्रकार एकीकृत किया जाता है। पहचाने गए कौशलों को पाठ्यचर्या के लक्ष्यों और अंतर्संबंधी विषयों से जोड़ेंने का तरीका सिखाया गया।
गिरिजा शंकर शर्मा (डीआरजी) के द्वारा प्रत्येक इकाई के भीतर अभ्यासों की संरचना और क्रम का विश्लेषण करना सिखाया। अशोक साहू (डीआरजी) एवं नीरज ने पाठ्यक्रम संबंधित प्रत्येक अभ्यास लेटेस्ट डिसकस, लेटेस्ट एक्सपोर, लेटेस्ट लिसन, लेटेस्ट राइट, लेटेस्ट लर्न, लेटेस्ट रीड, लेटेस्ट थिंक एंड रिप्लाई, आदि एक्टिविटीज के द्वारा अभ्यास करवाया गया। इसी तरह से गणित विषय प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर्स ज्योति बनाफर और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन से रिसोर्स परसन स्वरूपा ने बहुत सुंदर ढंग से गणित की विभिन्न गतिविधियों को रोचक ढंग से और विस्तार से बताया। इस अवसर पर प्रशिक्षण प्रभारी नोडल जी एल खुटियारे, सहायक प्राध्यापक प्रहलाद कुमार टिकरिहा (संस्कृत), परस राम साहू (गणित), देवी प्रसाद चंदेश्वर (हिन्दी), यमुना जांगड़े (सामाजिक विज्ञान), थलज कुमार साहू, अंग्रेजी विषय में हितेंद्र, अनुराग साहू, रोहित निर्मलकर, हर्ष श्रीवास्तव, इति चौबे, सहित बीआरजी रामकुमार टन्डन, समता सोनी, तेज कुमार वर्मा, दिलीप कुमार बंजारे, संतराम निषाद, कुमार राम ध्रुव, सावित्री महिलांग सहित प्रशिक्षार्थी उपस्थित थे।


