बेमेतरा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बेमेतरा, 27 मार्च। चैत्र नवरात्रि पर गुरुवार को नगर सहित अंचल के देवी मंदिरों में महाअष्टमी और महानवमी का विशेष संगम देखने को मिला। तिथि की गणना के अनुसार सुबह 11 तक अष्टमी और उसके बाद नवमी तिथि होने के कारण मंदिरों में पूजा-अर्चना का क्रम सुबह से विधि- विधान के साथ प्रारंभ हो गया।
नगर में प्रसिद्ध सिद्ध शक्ति माता भद्रकाली मंदिर, शीतलाम माता मंदिर, मां महामाया मंदिर और कालिका मंदिर सहित ग्रामीण क्षेत्र के संडी सिद्धि माता मंदिर, बूचीपुर महामाया मंदिर व बोर्रा माता मंदिर में वैदिक मंत्र उपचार के बीच हवन-पूजन संपन्न हुआ।
महाष्टमी के इस विशेष सहयोग पर माता रानी का अलौकिक शृंगार किया गया। प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिसमें दर्शनार्थियों को सुगमता हुई। शहर के प्राचीन महामाया और शीतला माता मंदिर में भी सुबह से ही वैदिक मंत्र उपचार के बीच अनुष्ठानों का दौर चला रहा। महामाया मंदिर में प्रारंपरिक विधि ध्यान से महाआयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में यजमानों ने पूर्ण आहुति देकर धर्म लाभ लिया। वही शीतला माता मंदिर में भक्तों ने विशेष भोग और चुनरी अर्पित कर अपनी मन्नत पूरी होने की प्रार्थना की गई।
नौ कन्याओं को भोजन कराया
नगर के शीतला मंदिर और महामाया मंदिर में विशेष आरती और हवन किया गया वहीं भद्रकाली मंदिर में दोपहर पूर्वाही यज्ञ किया गया ग्राम पूछी पूरे स्थित महामाया मंदिर में आचार्य रामकृष्ण शास्त्री व संजय तिवारी ने मुख्य अजमल बंदी या रन और गोपीचंद वर्मा द्वारा हवन पूजन संपन्न कराया मंदिरों और लोगों के घरों में नौ कन्याओं को भोजन भी कराया गया। महाष्टमी की महत्ता को देखते हुए घर-घर और विभिन्न सार्वजनिक पंडालून में कन्या पूजन का भव्य आयोजन हुआ श्रद्धालुओं ने नौ कन्याओं को देवी का साक्षात स्वरूप मानकर उनके पैर पखारे, उन्हें आदर पूर्वक भोजन कराया और दान दक्षिणा देकर आशीर्वाद प्राप्त किया।


