बेमेतरा

योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी बर्दाश्त नहीं -कलेक्टर
12-Feb-2026 3:59 PM
 योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी बर्दाश्त नहीं -कलेक्टर

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बेमेतरा, 12 फरवरी। कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने जिला में समय-सीमा बैठक में जिले के समस्त विभागीय अधिकारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में शासन द्वारा संचालित विभिन्न विभागों की योजनाओं, सेवाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति का विभागवार आकलन किया गया। कलेक्टर ने कहा कि वित्तीय वर्ष समाप्ति की ओर है, ऐसे में सभी अधिकारी वित्तीय एवं भौतिक लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि विभागों में लंबित प्रकरणों के निराकरण में गंभीरता, संवेदनशीलता एवं जवाबदेही का परिचय दिया जाए। अनावश्यक विलंब को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

प्रधानमंत्री आवास निर्माण में धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी

कलेक्टर ने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वीकृत आवासों का निर्माण कार्य बिना किसी बाधा के शीघ्र पूर्ण किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब परिवारों के लिए अपने स्वयं के पक्के घर का सपना साकार करने का माध्यम है। इस योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग, गुणवत्ता की जांच एवं हितग्राहियों को समय पर किस्त भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मनरेगा कार्यों में प्रगति लाने के निर्देश

ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने धीमी प्रगति पर अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है, उन्हें वित्तीय वर्ष समाप्ति से पूर्व पूर्ण करना अनिवार्य है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि स्वीकृत कार्य समय पर पूर्ण नहीं हुए तो जिम्मेदार अधिकारियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि मनरेगा के माध्यम से अधिक से अधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए तथा परिसंपत्तियों के निर्माण में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता बनाए रखी जाए।

अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों में बरतें संवेदनशीलता

बैठक में कलेक्टर ने शासकीय अधिकारी, कर्मचारियों के सेवा काल में आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में लंबित अनुकंपा नियुक्ति प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों के लिए अनुकंपा नियुक्ति एक महत्वपूर्ण सहारा होती है।

लिए इन प्रकरणों का शीघ्र एवं संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि लंबित अनुकंपा नियुक्ति प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए और किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो। इसके साथ ही पेंशन प्रकरणों के निराकरण को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।

 ताकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों एवं उनके परिजनों को समय पर लाभ प्राप्त हो सके।

 

वित्तीय अनुशासन एवं लक्ष्य पूर्ति पर जोर

कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने सभी विभागों को वित्तीय अनुशासन बनाए रखने, बजट का समुचित उपयोग करने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यह प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी है। बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने नियमित मॉनिटरिंग, फील्ड निरीक्षण एवं जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य संस्कृति अपनाकर ही जिले को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।

बैठक के अंत में कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि लंबित प्रकरणों के निराकरण, योजनाओं की प्रगति एवं जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी समन्वय एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की समयसीमा में पूर्ति सुनिश्चित करें।


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