बेमेतरा

जिला अस्पताल के सभी व्हीलचेयर कबाड़
08-Feb-2026 8:23 PM
जिला अस्पताल के सभी व्हीलचेयर कबाड़

अस्पताल की टूटी व्हीलचेयर से प्रबंधन की खुली पोल

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बेमेतरा, 8 फरवरी। 100 बिस्तर जिला अस्पताल व मदर एंड चाइल्ड विंग में स्वास्थ्य सुविधाओं के गांव की पोल खोलती नजर रही है। अस्पताल में मौजूद लगभग सभी व्हीलचेयर टूटकर कबाड़ में तब्दील हो चुके हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि बुजुर्ग मरीज व प्रवास के लिए आने वाली महिलाओं को बड़ी मशक्कत का सहारा देकर परिजन वार्ड तक पहुंचा रहे हैं। विभागीय लापरवाही का आलम यह है कि अस्पताल के सभी व्हीलचेयर टूट चुके हैं। जो व्हीलचेयर मरीजों का सहारा होनी चाहिए थी, वह सो पीस बनाकर कोने में पड़े हुए हैं। गौरतलब हो की जिला अस्पताल में सिर्फ दो व्हीलचेयर व मदर चाइल्ड हॉस्पिटल में तीन व्हीलचेयर देखने को मिले।

मरीजों में आक्रोश-शनिवार को 100 बिस्तर अस्पताल में जेवरा निवासी बुजुर्ग महिला देवकी सेन (85 ) को इलाज के लिए परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन एंट्री गेट पर एक भी सही व्हीलचेयर नहीं मिला। अंत में मरीज को टूटे हुए व्हीलचेयर पर ले जाना पड़ा। अस्पताल प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।

एक और जहां सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को हाईटेक बनाने का दावा कर रही है। वहीं जिला अस्पताल में एक अदद व्हीलचेयर का न होना अस्पताल प्रबंधन पर बड़े सवाल खड़े करता है। जिला अस्पताल और मदर चाइल्ड हॉस्पिटल परिसर में रखे व्हीलचेयर के पहिए व फूड स्टैंड टुडे मिले। मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल में बड़ी संख्या में प्रसूताएं आती है। व्हीलचेयर ना मिलने के कारण उन्हें पैदल चलकर या सहारा लेकर वार्ड से जाना पड़ता है, जो उनके स्वास्थ्य के जोखिम भरा है।

व्हीलचेयर की बदहाली के संबंध में सिविल सर्जन डॉ. लोकेश साहू संतोषजनक जवाब देने की स्थिति में नहीं दिखे। दो महा पूर्व इस संबंध में मौखिक शिकायत करने पर सुधार का आश्वासन दिया गया था, लेकिन दो माह बाद भी स्थिति जस के तस बनी हुई है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार सूचना के बाद नए व्हीलचेयर स्टाफ को दिए गए थे, जो वर्तमान में अस्पताल परिषर दिखाई नहीं दे रहे हैं। इसकी जानकारी संबंधित कर्मियों से ली जाएगी।

 


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