बेमेतरा

छेरछेरा दान, करुणा, आपसी सहयोग और सामाजिक समरसता का संदेश देता है - योगेश
05-Jan-2026 3:41 PM
छेरछेरा दान, करुणा, आपसी सहयोग और सामाजिक समरसता का संदेश देता है - योगेश

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बेमेतरा, 5 जनवरी। छत्तीसगढ़ की लोकआस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रतीक पौष पूर्णिमा छेरछेरा पर्व ग्राम कंडरका में पारंपरिक श्रद्धा, उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित भव्य मड़ई मेला एवं रात्रिकालीन जगराता कार्यक्रम में भाजपा किसान नेता योगेश तिवारी ने सहभागिता कर ग्रामवासियों के साथ पर्व की खुशियाँ साझा कीं कार्यक्रम स्थल पर छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति की अनुपम झलक देखने को मिली।

मड़ई मेले में पारंपरिक व्यंजन, ग्रामीण हस्तशिल्प, खेलकूद एवं लोकजीवन से जुड़े आयोजन आकर्षण का केंद्र रहे, वहीं रात्रि में आयोजित जगराता कार्यक्रम में भक्ति गीतों, लोकभजनों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से संपूर्ण वातावरण श्रद्धा और भक्ति से सराबोर हो गया। बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी वर्गों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने आयोजन को और भी भव्य बना दिया।  इस अवसर पर भाजपा किसान नेता योगेश तिवारी ने कहा कि छेरछेरा पुणि पर्व छत्तीसगढ़ की आत्मा है, जो दान, करुणा, आपसी सहयोग और सामाजिक समरसता का संदेश देता है। यह पर्व हमें यह सिखाता है कि समाज में कोई भी व्यक्ति उपेक्षित न रहे और सभी मिलकर सुख-दुख साझा करें। उन्होंने कहा कि छेरछेरा की परंपरा केवल दान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानवता, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक है योगेश तिवारी ने आगे कहा कि आज के बदलते दौर में भी ऐसे लोकपर्व हमारी सांस्कृतिक पहचान को जीवित रखते हैं और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं, रीति-रिवाजों और मूल्यों से जोडऩे का कार्य करते हैं। मड़ई मेला और जगराता जैसे आयोजन गांवों में सकारात्मक ऊर्जा, आपसी भाईचारा और सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य, पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया।

 

आयोजन समिति एवं ग्रामवासियों द्वारा अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया गया और पर्व को सफल बनाने में सभी का सहयोग सराहनीय रहा। इस अवसर पर चिंता राम निषाद,रोहित कुमार यदु,कमलेश यदु,दशरथ यदु,दिनेश यदु,पुरुषोत्तम यदु,मनोज निषाद,रामगोपाल निषाद,दुर्गेश निषाद,आत्माराम निषाद उपस्थित रहे।


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