बेमेतरा

बाबा गुरु अमरदास का जीवन सत्य, तपस्या और नि:स्वार्थ सेवा का जीवंत उदाहरण रहा है-योगेश
04-Jan-2026 9:31 PM
बाबा गुरु अमरदास का जीवन सत्य, तपस्या और नि:स्वार्थ सेवा का जीवंत उदाहरण रहा है-योगेश

 ‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बेमेतरा, 4 जनवरी।
बाबा अमरदास की जयंती और छेर-छेरा पुन्नी  पर्व पर चेटुवा पुरी धाम स्थित सतधारी गुरु बाल ब्रम्हचारी बाबा गुरु अमरदास के समाधि स्थल में आयोजित त्रिदिवसीय भव्य मेला में भाजपा किसान नेता योगेश तिवारी विशेष रूप से शामिल हुए। मेले की शुरुआत धार्मिक अनुष्ठानों एवं परंपरागत विधि-विधान के साथ की गई।
पूरे क्षेत्र में सतनाम के संदेश, लोकसंस्कृति और सामाजिक समरसता का अनुपम दृश्य देखने को मिला। श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणजनों की बड़ी भागीदारी ने आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया। इस अवसर पर योगेश तिवारी ने कहा-बाबा अमरदास ने हमेशा ही बाबा गुरु घासीदास के बताये मार्ग पर चलकर संपूर्ण समाज के सत्य और अहिंसा के मार्ग में चलने का संदेश दिया। भाजपा किसान नेता योगेश तिवारी ने कहा कि छेर-छेरा पुन्नी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक समानता, सेवा भावना और आपसी सहयोग का प्रतीक है।  उन्होंने कहा कि सतधारी गुरु बाल ब्रम्हचारी बाबा गुरु अमरदास  का जीवन सत्य, तपस्या और नि:स्वार्थ सेवा का जीवंत उदाहरण रहा है। बाबा ने अपने तपस्वी जीवन के माध्यम से समाज को सादगी, संयम और आत्मअनुशासन का मार्ग दिखाया। उन्होंने मानव मात्र को समान दृष्टि से देखने, परस्पर प्रेम बनाए रखने और सतनाम के सिद्धांतों पर चलने की प्रेरणा दी। योगेश तिवारी ने कहा कि बाबा गुरु अमरदास ने अपने आचरण से यह सिद्ध किया कि सच्चा धर्म सेवा और सदाचार में निहित है। उनका जीवन समाज के कमजोर वर्ग, किसानों, श्रमिकों और आमजन के लिए संबल और प्रेरणा का स्रोत रहा है। बाबा की शिक्षाएँ आज भी समाज में नैतिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और आत्मिक जागरण को मजबूत करती हैं। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करते हैं, बल्कि समाज को एक सूत्र में बाँधने, आपसी भाईचारे को बढ़ाने और हमारी लोकपरंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम हैं। गुरु अमरदास जी के आदर्शों पर चलकर ही एक सशक्त, संस्कारित और समरस समाज का निर्माण संभव है।
त्रिदिवसीय मेले के दौरान धार्मिक कार्यक्रमों के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियाँ, लोकभजन एवं सामाजिक आयोजन सम्पन्न हुए, जिनमें बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।
मेले का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय, शांतिपूर्ण और आनंददायक रहा इस आयोजन का विनीत रूप से आयोजन समस्त सतनामी समाज, ग्राम पंचायत एवं ग्रामवासी चेटुवा पुरी धाम द्वारा किया गया।
 कार्यक्रम में हेमंत चंदेल, अंजलि सोनवानी, वरुण मारकण्डे ,अनिल टंडन, कमलेश देसलहरे, मनोज गायकवाड़, श्रवण, भुवन दास जांगड़े, टोपेंद्र सोनवानी ,कोमल मानदेव, रेवी चंद्र, सहित बड़ी संख्या में सतनामी समाज के सदस्य एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। समापन अवसर पर उपस्थित जनसमूह ने सामाजिक एकता, आपसी भाईचारे एवं सतनाम के संदेश को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।


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