बेमेतरा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बेमेतरा, 28 दिसंबर। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने कहा कि राज्य शासन के ने प्रत्येक सोसाइटी में खरीदी की लिमिट बढ़ाई है, बावजूद निर्धारित दिवस में किसानों के धान खरीदी कर पाना संभव नहीं है। ऐसी स्थिति में किसानों को बहुत नुकसान होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। राज्य सरकार की ओर से बेमेतरा जिले में जिस तरीके से धान खरीदी के लिए हिल-हवाला किया जा रहा है वह समझ से परे है। जबकि राज्य के खाद्य मंत्री बेमेतरा जिले से ही चुनकर गए हुए हैं, ऐसे में बेमेतरा जिला के किसानों की समस्या से वाकिफ न होना निश्चित रूप से भाजपा जनप्रतिनिधियों की बेहद संवेदनशीलता को दर्शाता है।
बिक्री के लिए लंबा इंतजार
पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने कहा कि धान खरीदी को लगभग 2 महीने होने जा रहा है। किसानों के धान उनके बयारे में ही रखे-रखे सूख गए हैं। जिससे भजन में भारी कमी आई है, और आगे राज्य सरकारी की ओर जिस तरीके से धान खरीदी की लिमिट बढ़ाई गई है इससे 31 जनवरी तक धान के वजन में और भी कमी आएगी। किसानों को अपनी दूसरी फसल के लिए पैसों की आवश्यकता पडऩे को देखते हुए वह निजी हाथों में औने-पौने दामों में अपनी धान को बेचेंगे।
किसान पहले से ही परेशान, प्रपंच रचकर उन्हें और सताया जा रहा
आशीष छाबड़ा ने कहा कि बेमेतरा के अलावा अन्य जिलों के धान खरीदी केंद्रों, सोसाइटीयो में जो धान खरीदी की लिमिट बढ़ाई गई है। उसकी तुलना में बेमेतरा जिले के सभी 129 धान खरीदी केंद्रों में जो लिमिट बढ़ाई गई है वह बहुत ही काम है। किसान पहले से ही परेशान है। बावजूद तरह-तरह के प्रपंच रचकर उन्हें और अधिक परेशान किया जा रहा है। ताकि राज्य सरकार को धान ना बेच सके। 30 दिसंबर तक अगर धान की लिमिट और नहीं बढ़ाई जाने पर खरीदी केंद्र में तालाबंदी की जाएगी।


