बेमेतरा

धान का परिवहन नहीं, 27 केंद्रों में जगह की कमी
18-Dec-2025 2:50 PM
धान का परिवहन नहीं, 27 केंद्रों में जगह की कमी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बेमेतरा, 18 दिसंबर। जिले के 129 धान खरीदी केंद्रों में पतले धान के उठाव में दिगर जिले के मिलर रुचि नहीं दिखा रहे हैं। जिले में परिवहन के लिए जारी आदेश की अपेक्षा 58 फीसदी धान का उठाव हो चुका है। वहीं बेमेतरा के अलावा रायपुर व बिलासपुर मिलर्स ने धान उठाओ के लिए रुचि नहीं दिखाई है। धान खरीदी प्रारंभ हुए एक माह का समय बीत चुका है। जिसके बाद परिवहन में रफ्तार नहीं होने के कारण 27 समितियां में ओवर स्टाफ की स्थिति बन गई है। जिले में केवल 12 फीसदी धान का उठा हुआ है।

बताना होगा कि केवल बेमेतरा के ही मिलर धान के उठाव के लिए रुचि दिखा रहे हैं। इन दो जिलों के अलावा रायपुर बिलासपुर रहने जिले के मिलर उठाओ के लिए सामने नहीं आ रहे हैं। दिगर जिले के मिलर की रुचि नहीं दिखाने की वजह से धान का उठाव बेहद कम हो रहा है। 15 नवंबर तक प्रारंभ हुई दान खरीदी में सबसे पहले आवक पतले धान की रही है। इस लिहाज से देखा जाए तो इस किस्मत के धान को केंद्र में रखे हुए लगभग एक माह तीन दिन का समय हो चुका है। बताया गया कि अन्य धन के अपेक्षा पतले धन की में सुखत व टूटन की शिकायत सबसे अधिक रहती है। जिससे नुकसान होने की आशंका भी रहती है। किसानों का कहना है कि समय पर परिवहन की व्यवस्था सरकार को करनी चाहिए नहीं तो आगे दिक्कत बढ़ेगी।

31 हजार टन का कर चुके उठाव

विभागीय जानकारी के अनुसार वितरण कार्यालय में मिलर को 53,788 टन धान के उठाव के लिए आदेश जारी किया है। जिसमें से मिलर अब तक 31,000 टन का उठाव कर चुके हैं। बचत 22,782 का उठाव किया जाना बाकी है। जिले में धान भाव के लिए अनुबंध करने के बाद भी बिलासपुर ब रायपुर के मिलर को डियो जारी करने में रुचि नहीं दिख रहे हैं। जिला के उपार्जन केंद्र से धान का परिवहन कर कोडिय़ां, सेलूद, बासिन, असरनारा, तिल्दा, लेंजवारा व सरदा के संग्रहण केंद्र में कराने के लिए अनुमति जारी की गई है।

27 केंद्रों में गले तक भर गया धान

परिवहन की कमजोरी रफ्तार की वजह से 27 धान खरीदी केंद्रों में निर्धारित क्षमता से अधिक धन का भंडारण हो चुका है। यूं कहे तो जिले में अभी केवल 30 फ़ीसदी धान के खरीदी हो पाई है। केंद्रों में धान रखने के लिए जगह की कमी नजर आने लगी है। जिले के संबलपुर, कटेली , पूटपुरा, पेंडरीतराई, सोढ़, कुंवरा, कुसमी, कुर्दा , झाल, दाढ़ी, बदनारा , कठौतियां , किरितपुर, नवागढ़, सिमरिया, रामपुर, शारदा, डांगरिया, कटाई, बेल्थरा, टेमरी, अंधियारखोर, मोहगांव, नेवासा, नांदघाट व मल्दा में 26 हजार से लेकर 38,037 क्विंटल धान का स्टॉक है। क्षमता से अधिक होने से समितियां में  अब धान रखने की समस्या है।

 

अभी 1 लाख 16 हजार किसानों का धान आना बाकी है, होगी दिक्कत

जिले में इस सत्र में 1,43,222 लघु व सीमांत किसान, 21,686 बड़े किसानों सहित 16,906 किसानों का ध्यान खरीदने के लिए पंजीयन किया गया है। जिसमें अब तक 39,120 लोगों का सीमांत किसान व 9402 बड़े किसान मिलकर 48,522 किसान ही धान बेच पाए हैं। इसके अलावा आने वाले दिनों में अभी 1,04,102 लघु व सीमांत किसान व 12,284 बड़े किसान समेत 1,16,386 किसानों का ध्यान खरीदा जाना बाकी है।

केवल स्थानीय मिलर ही उठा रहे हैं

जिला नोडल अधिकारी आरके वारे में कहा कि स्थानीय मिलर है धान का उठाव कर रहे हैं। दूसरे जिले के मिलर  उठाव नहीं कर रहे हैं, इसलिए इस तरह की स्थिति बनी है।


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