बेमेतरा

इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटों में वजन अंतर की शिकायतें, उपभोक्ताओं ने जताई आपत्ति
16-Dec-2025 3:38 PM
इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटों में वजन अंतर की शिकायतें, उपभोक्ताओं ने जताई आपत्ति

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बेमेतरा, 16 दिसंबर। शहर में उपयोग किए जा रहे इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटों के वजन में अंतर को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतें सामने आई हैं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार कुछ दुकानों पर प्रति किलोग्राम सामग्री के वजन में 100 से 250 ग्राम तक का अंतर पाया गया है। यह शिकायतें फुटकर दुकानों के साथ-साथ कुछ बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों को लेकर भी की गई हैं।

शिकायतों के बाद कुछ उपभोक्ताओं ने अपनी खरीदी गई सामग्री का पुन: तौल अन्य दुकानों अथवा पारंपरिक तराजू से कराया, जहां वजन में अंतर होने की बात कही गई। उपभोक्ताओं का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक कांटों पर किए गए तौल की सामान्य तौर पर पुष्टि नहीं हो पाती, जिससे उन्हें नुकसान होने की आशंका रहती है।

सील और कैलिब्रेशन को लेकर स्थिति

नापतौल विभाग के अनुसार, दुकानों के निरीक्षण के दौरान इलेक्ट्रॉनिक कांटों का कैलिब्रेशन कर सील लगाई जाती है। विभागीय जानकारी के मुताबिक वर्तमान नियमों में इलेक्ट्रॉनिक कांटों को पूर्ण रूप से सीलबंद रखने का प्रावधान नहीं है। ओवरलोड या अन्य तकनीकी कारणों से तौल में बदलाव की स्थिति बनने पर पुन: कैलिब्रेशन कराया जाता है।

नापतौल विभाग का पक्ष

नापतौल निरीक्षक के अनुसार, शिकायत मिलने पर संबंधित दुकान में जांच की जाती है और यदि शिकायत सही पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। विभाग का कहना है कि कार्यवाही निर्धारित गाइडलाइन के अनुरूप की जाती है।

बिना लाइसेंस बिक्री का आरोप

कुछ पंजीकृत कांटा सुधारकों का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक कांटों की बिक्री बिना नापतौल विभाग के लाइसेंस के भी हो रही है। उनका आरोप है कि सील की तकनीकी सीमाओं का लाभ उठाकर वजन में परिवर्तन किया जा सकता है। इस संबंध में उन्होंने विभागीय निगरानी बढ़ाने की मांग की है।

रेंडम जांच को लेकर सवाल

जानकारी के अनुसार, पंजीकृत कांटा सुधारकों द्वारा कैलिब्रेशन और सील की प्रक्रिया विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति में की जानी होती है। मैनपावर की कमी और अतिरिक्त प्रभार के कारण नियमित और रेंडम जांच सीमित होने की बात कही जा रही है।

 

आम लोगों की प्रतिक्रियाएं

प्रहलाद वर्मा, सिरवाबांधा रोड निवासी, ने बताया कि एक किलो शक्कर की तौल दो अलग-अलग स्थानों पर कराने पर लगभग 100 ग्राम का अंतर मिला।

 सुनील शर्मा, वार्ड क्रमांक 14 निवासी, का कहना है कि मटर की खरीदी के बाद दूसरी जगह तौल कराने पर लगभग 250 ग्राम कम पाया गया।

रमेश शर्मा, पुराना बस स्टैंड निवासी, ने बताया कि सब्जी की तौल में करीब 150 ग्राम का अंतर पाया गया।

कांटा सुधारक का बयान

नाम न छापने की शर्त पर एक इलेक्ट्रॉनिक कांटा सुधारक ने बताया कि विभिन्न प्रकार के व्यापार में तौल में अंतर की शिकायतें मिलती रहती हैं। उन्होंने कहा कि उचित निगरानी और नियमित जांच से इस पर नियंत्रण संभव है।

विधिमाप अधिकारी महेंद्र कुमार ने कहा कि उनकी मूल पदस्थापना रायपुर जिले में है और बेमेतरा जिले का अतिरिक्त प्रभार उन्हें दिया गया है।

 मैनपावर की कमी के कारण सतत निरीक्षण में कठिनाई होती है। उन्होंने कहा कि एक किलोग्राम में 250 ग्राम का अंतर गंभीर विषय है और इसकी जांच स्थानीय कांटा सुधारक के साथ मिलकर की जाएगी। जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


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