बेमेतरा

भाजपा नेता ने गड़ाया तंबू, तहसीलदार ने तीन दिन में कब्जा हटाने दिया नोटिस
13-Dec-2025 3:57 PM
भाजपा नेता ने गड़ाया तंबू, तहसीलदार ने तीन दिन में कब्जा हटाने दिया नोटिस

 तहसीलदार पर लगाया एकपक्षीय कार्रवाई करने का आरोप

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बेमेतरा, 13 दिसंबर। कड़ाके की ठंड के बीच नवागढ़ में तहसीलदार के खिलाफ तहसील के सामने तंबू गड़ाकर भाजपा अनूसूचित जाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष  देवा दास चतुर्वेदी ने माहौल गरम कर दिया है।

 भाजपा नेता देवादास चतुर्वेदी ने नवागढ़ तहसीलदार पर एक पक्षीय कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए आंदोलन शुरू किया है। मामला ग्राम छीतापार के जमीन से जुड़ा हुआ है।

 देवादास चतुर्वेदी ने वर्ष 2017 में जिस जमीन को खरीदा, उस जमीन को  मुक्तिधाम के लिए निजी स्वामित्व की जमीन बताया गया है। देवादास द्वारा खरीदे जाने के बाद जिन अन्य लोगों के पास बेचा गया, उनकी विधिवत रजिस्ट्री हुई। कांग्रेस शासनकाल में इस जमीन पर पांच साल तक कोई सवाल नहीं हुआ। सरकार बदलते ही मुद्दा जीवित हो गया। अब इस जमीन को मुक्तिधाम के नाम पर फिर से दर्ज कर पूर्व में की गई सभी खरीदी बिक्री को शून्य घोषित कर दिया गया है। इस पर नाराज भाजपा नेता देवादास एवं अन्य प्रभावित लोग आंदोलन पर उतारू हो गए हैं।

आंदोलनकारी लोगों का कहना है कि जमीन की खरीदी बिक्री नियमानुसार की गई है। शासन ने शुल्क लिया है, जब तक रजिस्ट्री शून्य घोषित नहीं होता। हमें मुआवजा नहीं दिया जाता, तब तक जमीन पर स्वामित्व हमारा रहेगा। जमीन का प्रमाणीकरण करने वाले अधिकारियों को क्यों बचाया जा रहा है। गरीब लोगों को राजनीति का शिकार बनाकर  भय आतंक का वातावरण बनाने का प्रयास किया जा रहा है। न्याय के लिए हम आंदोलन कर रहे हैं। आगे की रणनीति लोगो से रायशुमारी कर लेंगे।

 

नवागढ़ तहसीलदार ने गुरुवार को एक आदेश जारी कर तीन दिन के भीतर कब्जा छोडऩे का आदेश दिया है, जिसे लेकर चर्चा का बाजार गरम है।

क्षेत्र में जनाक्रोश बढ़ा रहे अफसर

किसान कांग्रेस के प्रदेश महासचिव अंजोर दास ने कहा कि नवागढ़ विधानसभा में अधिकारी जनाक्रोश बढ़ाने का काम कर रहे हैं। हर समस्या एक उपचार हो गया हैं,हर हाल मे एफआईआर करवाने लगे हैं। छीतापार जमीन का मामला नया नहीं है। किसे दिक्कत है जनता को पता है। जिला प्रशासन की बाध्यता समझ से परे है। एक भाजपा नेता का वेयर हाउस जो उद्योग विभाग में पंजीकृत हैं, अधिकारी जाते है तो दिखता नहीं है। पूरे ब्लॉक के समिति ने कर्ज लिया गया पर जांच एक व्यक्ति विशेष की हुई। जुआ में एक समाज विशेष को एक व्यक्ति विशेष के खिलाफ उकसाया गया। नतीजा सामाजिक चुनाव में दिखा, अब गरीब लोगों की जमीन पर नजर है।


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