बेमेतरा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बेमेतरा, 13 दिसंबर। सर्वर डाउन होने की वजह से किसानों को अपने गांव के पानी टंकी में चढक़र टोकन तोहार हाथ अप में सर्वर आने के बाद ऑनलाइन टोकन कटवाना पड़ रहा है। मामला थान खम्मरिया तहसील के ग्राम हॉटरांका है, यहां पर सुबह 8 बजे ही किसान पोर्टल नहीं खुलने व सर्वर डाउन होने पर गांव के पानी टंकी के ऊपर चढक़र सर्वर आने पर टोकन कटवाना पड़ रहा है। जिले में लंबे समय से सर्वर डाउन की स्थिति से किसान परेशान हो रहे हैं।
जानकारी हो कि ऑनलाइन टोकन कटवाना किसानों को भारी पड़ रहा है। किसान खेत में मोबाइल लेकर सर्वर खोलने के लिए चक्कर काट रहे तो कहीं पर पानी टंकी में जाकर सिग्नल आने का इंतजार करना पड़ रहा है। इस तरह की समस्या का सामना एक दो नहीं सैकड़ो किसानों को प्रतिदिन करना पड़ रहा है। इस तरह की स्थिति की वजह एनआईसी के सर्वर पर अधिक भार को बताया जा रहा है।
किसान लक्ष्मण ध्रुव ने बताया कि गत चार दिन से वह सीएससी सेंटर व मोबाइल पर टोकन कटवाने के लिए भटक रहा है। अभी पता चला है कि आने वाले 13 जनवरी तक का टोकन कर चुका है। टोकन नहीं कट पानी की वजह से उसे परेशान होना पड़ रहा है।
पूर्व सत्र की अपेक्षा इस सत्र में खरीदी कम
तरह-तरह की समस्याओं की वजह से जिला में धान खरीदी पूरी तरह से व्यवस्थित नहीं हो पाया है। जिला में बीते सत्र में प्रथम माह के दौरान 35,24,732 कुंटल धान खरीदी जा चुका है। वही इस बार धान खरीदी में गिरावट हुई है। अभी तक जिला में 24 लाख 15 हजार क्विंटल के करीब धान की खरीदी हुई है। पूर्ण सत्र की अपेक्षा 10 लाख क्विंटल कम धान की खरीदी हुई है। जुटाए गए जानकारी के अनुसार जिला में जिस तरह से धान खरीदी की शुरुआत हुई है, उसे जिला अभी तक उबर नहीं पाया है। जिला में एक दिन का अधिकतम धान खरीदी डेढ़ लाख कुंतल के करीब है। वहीं पूर्व सीजन में एक दिन की धान की खरीदी दो लाख 10 हजार क्विंटल तक पहुंच चुका था।
आधार अपडेट से लोड बढ़ गया हैं
जिला विपणन कार्यालय के शिकायत शाखा से मिली जानकारी के अनुसार धन टोकन कटवाने वाले को सर्वर डाउन का सामना करना पड़ रहा है। समितितो से भी इस तरह की सूचना मिल रही है। प्रोग्रामर विकास वर्मा ने बताया कि टोकन काटने में सर्वर समस्या हो रही है। इन दिनों आधार अपडेट होने की वजह से सरोवर पर लोड पड़ गया है। समस्या का निराकरण एनआईसी से किया जा रहा है।
अभी तो 1.23 लाख किसान से धान खरीदना बाकी हैं
जिला के 129 धान खरीदी केंद्र में 1,64,802 किसानों में से अब तक एक 41,007 किसान से धान खरीदा जा चुका है। इसके बाद भी अभी 1,23,795 पंजीकृत किसानों से धन खरीदना बाकी है।
टोकन नहीं कटने से धान नहीं बेच पा रहे हैं
युवाओं का कहना है की टोकन के बगैर धान बेचने संभव नहीं है, और सर्वर ठप्प होने से पूरे गांव की किसानों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने शासन- प्रशासन से जल्द से जल्द स्थाई तकनीकी समाधान की मांग की है, ताकि किसान समय धान उपार्जन केंद्रों में अपना माल बेच सके।
विवाद थाने तक पहुंच रहा
जिला के धान खरीदी केंद्र में खरीदी को लेकर विवाद होने लगी है। जिला के ग्राम बालसमंद में धान खरीदी के दौरान टोकन को लेकर भी विवाद का मामला थाने तक पहुंच चुका है। बालसमूंद समिति प्रबंधक बलराम बांधे पिता अंजोर बांधे ने खरीदी के दौरान तिलक साहू द्वारा विवाद मारपीट की शिकायत सिटी कोतवाली में दर्ज कराया है।
सर्वर की कमजोर स्थिति पूरे प्रदेश पर
नोडल अधिकारी आरके वारे ने कहा कि कमजोर सर्वर की समस्या पूरे प्रदेश स्तर पर है। तकनीकी कारण हो सकता है। दोनों में समस्याओं का निराकरण होने की संभावना है।


