बेमेतरा

जांच दल ने माना श्मशान और चारागाह की जमीन भी बिकी, अवैध कब्जा भी
04-Apr-2023 2:44 PM
जांच दल ने माना श्मशान और चारागाह की जमीन भी बिकी, अवैध कब्जा भी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बेमेतरा, 4 अप्रैल।
ग्राम रांका में रायपुर रोड स्थित श्मशान घाट व चारागाह की जमीन को गांव के ही कुछ लोगों ने फर्जी तरीके से बेच दिया गया है। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने कलेक्टर पीएस एल्मा से कर कार्रवाई की मांग की गई थी। अधिकारियों ने कुल 4 जगहों में हुए कब्जे व बेचे गए जमीन का मौका निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार किया है।

जांच टीम में बेरला तहसीलदार योगेश सिंह राजपूत, आरआई पोषण मानिकपुरी, पटवारी राजेश देवांगन शामिल थे। सबसे पहले तहसीलदार बेमेतरा मार्ग स्थित श्मशान घाट की जमीन में पहुंचे। जहां उन्होंने श्मशान घाट व चारागाह के लिए आरक्षित की गई 11 एकड़ जमीन पर अतिक्रमण की शिकायत की जांच की। यहां वर्तमान में कब्जाधारी ने सवा 3 एकड़ जमीन पर ट्रैक्ट्रर से खुदाई कर दिया है।

कार्रवाई में लेटलतीफी पर ग्रामीणों ने उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
बेरला तहसीलदार योगेश सिंह राजपूत ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच के लिए पहुंचे थे। 4 जगहों का अवलोकन किया गया। प्राथमिक जांच में सरकारी जमीन में कब्जा कर जमीन को बेचे जाने की शिकायत सही पाई गई है। फिलहाल दस्तावेजों की बारीकी से जांच करने रिकार्ड मंगाया गया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट तैयार कर एसडीएम को भेजी जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई उच्च अधिकारियों के द्वारा किया जाएगा। ग्रामीणों ने कार्रवाई में लेटलतीफी व लापरवाही की स्थिति में उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

रसूखदार ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर बनाया काम्प्लेक्स
पूर्व सरपंच घनाराम निषाद ने बताया कि कुरुद मोड़ के पास सडक़ किनारे करीब 2 एकड़ सरकारी जमीन में कब्जा कर गांव के ही गांव के रसूखदार ने काम्पलेक्स बनाया है। दुकानों को किराया देकर हर महीने 20-25 हजार रुपए की वसूली कर रहा है। इसी तरह प्राइवेट स्कूल संचालक ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर गार्डन बनाया है। ग्रामीणों ने पांच साल पहले इसके सीमांकन के लिए तहसीलदार से शिकायत कर काम्पलेक्स की जमीन को कब्जा मुक्त करने की मांग की थी।

लेकिन तहसीलदार द्वारा कार्रवाई में ढिलाई बरती गई। तहसीलदार योगेश राजपूत ने बताया कि दस्तावेजों की जांच के लिए पटवारी से रिकार्ड मंगाया गया है। जांच में शिकायत सहीं पाए जाने पर कब्जाधारी को नोटिस जारी कर कब्जा हटाने कहा जाएगा।

अतिक्रमण की जमीन पर मकान के निर्माण पर लगेगी रोक
जिस 8 एकड़ चारागाह की जमीन पर कब्जा कर बेच दिया गया है, जिसने यह जमीन खरीदी उसे चारागाह की जमीन की जानकारी होने पर उसने भी दूसरे को चारागाह की जमीन बेच दी। इस तरह करीब 3 लोगों ने भी इसी तरह जमीन विवाद की जानकारी लगते ही खरीदने के बाद कुछ दिनों बाद ही बेच दिया। वर्तमान में करीब 12-13 लोगों ने जमीन को कुछ दिन पहले ही खरीदा है। वर्तमान में यहां मकान निर्माण हो रहा है। जांच करने पहुंचे तहसीलदार ने जांच के दौरान काम भी बंद नहीं कराया।

कब्जाधारियों की बढ़ी बेचैनी, अब जमीन बेचने की तैयारी
चारागाह की जमीन की बात सामने आई तो जमीन मालिकों की बेचैनी बढ़ गई है। इसके बाद अब जमीन मालिक जगह को बेचने की तैयारी में लग गए हैं। कुछ लोग जमीन को बेच भी चुके है। तहसीलदार राजपूत ने बताया कि जमीन मालिकों से दस्तावेज मंगाया गया है। पटवारी से रिकार्ड देखने के बाद मकान निर्माण का काम बंद कराया जाएगा। जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने पर जमीन को कब्जा मुक्त किया जाएगा। ताकि आम लोगों की आवाजाही पहले की तरह हो सके।

8 एकड़ जमीन को कब्जा कर बेचा, वर्तमान में यहां मकान
 गांव में कब्जा जमीन की जांच करने पहुंचने की जानकारी मिलते ही ग्रामीण इकठ्ठा हो गए। श्मशान घाट की जमीन की जांच करने के बाद टीम रायपुर मार्ग स्थित रांका कुरुद तिराहा के पास पहुंची। ग्रामीण ईश्वर निषाद, खेलावन निषाद ने बताया कि कुरुद मोड़ के पास सडक़ किनारे करीब 8 एकड़ चारागाह के लिए जमीन आरक्षित किया गया था।

जिस पर कब्जा कर जमीन बेच दिया है। करीब 1 एकड़ 7 डिसमिल शमशान घाट के लिए आरक्षित की गई जमीन पर कब्जाधारी द्वारा वर्तमान में फसल लिया जा रहा है। जांच के दौरान पूरे गांव के लोग अधिकारियों के साथ एक-एक जगह पहुंचकर हुए कब्जा को दिखाया। साथ ही ग्रामीणों ने तहसीलदार को इस जमीन का रिकार्ड भी दिखाया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
 


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