बेमेतरा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बेमेतरा, 13 जनवरी। अखिल भारतीय संत समिति, छत्तीसगढ़ प्रांत द्वारा वैष्णव संत रामानंदाचार्य की जयंती के भव्य समारोह के अवसर प्रदेशभर से आए साधु-संतों एवं महंतों के महासम्मेलन के दौरान धर्म समाज के नए दायित्वों की घोषणा की गई। इस अवसर पर वैष्णवाचार्य अशोक चतुर्वेदी हरिवंश को धर्म समाज प्रांत प्रमुख तथा धर्म स्तंभ काउंसिल के सभापति डॉ सौरव निर्वाणी को सह प्रांत प्रमुख, धर्म समाज के पद पर नियुक्त किया गया।
नियुक्ति की औपचारिक घोषणा अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महासचिव जितेंद्रानंद महाराज द्वारा की गई। यह नियुक्ति छत्तीसगढ़ प्रांत संत समिति के प्रदेश अध्यक्ष महंत सर्वेश्वर दास ने महामंत्री राधेश्याम दास की अनुशंसा पर की। रामानंदाचार्य 670 वी जयंती का यह भव्य आयोजन सिद्धि विनायक आश्रम, रतनपुर में केंद्रीय मंत्री तोखन साहू, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, प्रबल प्रताप जूदेव सहित प्रदेश भर के अनेक वरिष्ठ संत-महंतों की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। नियुक्ति पर अखिल भारतीय पुजारी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवकुमार बालादास, धर्म स्तंभ काउंसिल के सदस्यों एवं संत समाज ने हर्ष व्यक्त करते हुए दोनों पदाधिकारियों को शुभकामनाएँ दीं।
धर्म स्तंभ काउंसिल के डॉ सौरव निर्वाणी ने उपस्थित संतों और महंतों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह दायित्व मेरे लिए पद नहीं, सेवा का संकल्प है,मठ-मंदिरों की स्वायत्तता, वैष्णव परंपराओं के संरक्षण और सनातन मूल्यों के प्रचार-प्रसार के लिए मैं संत समाज के मार्गदर्शन में पूरी निष्ठा से कार्य करूंगा,संतों का यह विश्वास मेरे लिए प्रेरणा और उत्तरदायित्व दोनों है।
अशोक चतुर्वेदी हरिवंश ने कहा कि रामानंदाचार्य जी की परंपरा समरसता और भक्ति का मार्ग है। संत समाज ने जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसके माध्यम से वैष्णव दर्शन, सेवा और सामाजिक चेतना को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य किया जाएगा। धर्म स्तंभ काउंसिल के महंत सुरेंद्र दास ने कहा कि डॉ.सौरव निर्वाणी लंबे समय से मठ-मंदिरों के उन्नयन और धार्मिक चेतना के लिए सतत कार्य कर रहे हैं। उनकी नियुक्ति से वैष्णव परंपराओं के संवर्धन को नई गति मिलेगी।
समारोह में उपस्थित संत-महंतों ने इसे छत्तीसगढ़ में धर्म समाज को संगठित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।


