बस्तर
जन-जागरूकता अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षित यात्रा का दिया संदेश
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 25 सितंबर। गिनीज बुक और लिम्का बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड धारक डेंजर्स एडवेंचर्स स्पोर्ट्स टीम अपनी विश्वशांति विश्वपदयात्रा के तहत छत्तीसगढ़ में जन-जागरूकता अभियान चला रही है।
टीम के चार प्रमुख सदस्य अवध बिहारी लाल, जितेंद्र प्रताप, महेंद्र प्रताप और गोविंदा नंद इस अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों को कवर करने के उद्देश्य से शुरू हुई इस यात्रा ने अब तक राज्य के 10 जिलों की यात्रा पूरी कर ली है और अब वे जगदलपुर पहुँच चुके हैं।
उन्होंने जगदलपुर में बुधवार को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके साथ ही सभी दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट और चौपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट का अनिवार्य तौर पर उपयोग कर सुरक्षित यात्रा का संदेश दिया।
यह विश्व पदयात्रा भारत सरकार और प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इन योजनाओं में पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, वन संरक्षण, वन्य जीव संरक्षण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सडक़ सुरक्षा-जीवन रक्षा, जल संरक्षण, स्वच्छ भारत और मतदाता जागरूकता शामिल हैं। जगदलपुर में यह टीम जगदलपुर में 25 और 26 सितम्बर को दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित करेगी, जहाँ वे स्कूलो, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर जाकर लोगों को जागरूक करेंगे।
यह यात्रा 45 साल पहले 30 जुलाई 1980 को अवध बिहारी लाल द्वारा उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में एक व्यक्तिगत त्रासदी के बाद शुरू की गई थी। उस समय आई भयंकर बाढ़ में उन्होंने अपना परिवार खो दिया था, जिसके बाद उन्होंने अपना जीवन इन सामाजिक उद्देश्यों को समर्पित कर दिया। इस यात्रा के दौरान टीम ने विश्व के 11 देशों में 4 लाख 52 हजार किलोमीटर की पदयात्रा की है और 14 करोड़ 50 लाख से अधिक पौधे लगाए हैं। इस मिशन के दौरान टीम के एक साथी ने अपनी शहादत भी दी है। टीम ने अब तक देश के लगभग 600 जिलों की यात्रा पूरी कर ली है और अब छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में अपना महत्वपूर्ण अभियान चला रही है, जहाँ वे लोगों को इन जन-कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जागरूक कर रहे हैं।


