बस्तर
नक्सल प्रेसनोट में की एक महीने के लिए सीजफायर की मांग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 17 सितंबर। नक्सलियों ने हथियार छोडऩे और हथियारबंद संघर्ष को अस्थायी रूप से विराम घोषित करने का निर्णय लिया है। नक्सलियों ने एक महीने का समय मांगा है। वीडियो कॉल के जरिए सरकार से बात करने के लिए तैयार हैं और एक महीने के लिए सीजफायर की मांग की है। नक्सलियों की ओर से एक माह पहले लिखे इस पत्र को मंगलवार की शाम को जारी किया गया है।
नक्सली संगठन के प्रवक्ता अभय ने जारी प्रेस नोट में बताया कि प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, नक्सल आंदोलन से प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री, शांति वार्ता के प्रति सानुकूल रवैया अपनाने वाले सत्ता एवं तमाम विपक्ष पार्टियों के नेतागण, शांति कमेटी के साथियों, पत्रकारों एवं जनता के सामने बदली हुई हमारी पार्टी के रूख को इस प्रेस विज्ञप्ति द्वारा हम स्पष्ट कर रहे हैं कि 2025 मार्च आखरी सप्ताह से हमारी पार्टी सरकार के साथ ‘शांति वार्ता’के लिए गंभीर एवं ईमानदारी के साथ प्रयास कर रही है।
पार्टी के केंद्रीय कमेटी प्रवक्ता कामरेड अभय के नाम पर मई 10 को स्वयं हमारी पार्टी के महासचिव एक प्रेस बयान जारी किया था। उसमें उन्होंने पार्टी हथियार छोडऩे के बारे मे उल्लेख करते हुए इस अत्यंत महत्वपूर्ण विषय पर हमारी पार्टी के सर्वोच्च कामरेडों के साथ सलाह मशविरा करने के लिए एक माह के समय की मांग करते हुए सरकार के सामने सीज फायर का प्रस्ताव रखा था, लेकिन दुर्भाग्यवश उस पर केंद्र सरकार अपनी सानुकूल रूख को जाहिर नहीं किया था। बल्कि जनवरी 2024 से जारी अपनी घेराव और उन्मूलन सैनिक हमलों को और तेज किये है, जिसके चलते हजारों की संख्या में सशस्त्र पुलिस बल को तैनात कर घेराव एवं उन्मूलन हमले को अंजाम दिया गया।
माड के गुंडेकोट के पास 21 मई को हुई भीषण हमले में पार्टी के महासचिव कामरेड बसवाराजू सहित केन्द्रीय कमेटी के स्टाफ एवं उनके सुरक्षा गार्ड के 28 साथी शहीद हुए। शांति वार्ता के लिए लगातार प्रधानमंत्री, गृहमंत्री से लेकर अधिकारियों तक हथियार छोडक़र, मुख्यधारा में शामिल होने के लिए किये जा रहे अनुराधों के मद्देनजर हथियार छोडऩे का निर्णय लिए हैं, हथियारबंद संघर्ष को अस्थायी रूप से विराम घोषित करने का निर्णय लिए हैं।
जारी पत्र में स्पष्ट किया जा रहा है कि भविष्य में जन समस्याओं पर तमाम राजनीतिक पार्टियां एवं संस्थाओं से जहाँ तक संभव हो कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष करेंगे। केंद्रीय गृहमंत्री य उनसे नियुक्त व्यक्तियों से अथवा प्रतिनिधि मण्डल से वार्ता के लिए तैयार हैं, लेकिन इस बदले हुए विचार से पार्टी को अवगत कराना पड़ेगा।
पार्टी के अंदर इस पर सहमत जताने वाले या विरोध करने वाले स्पष्ट होकर सहमत जताने वाले साथियों से एक प्रतिनिधि मण्डल तैयार कर शांति वार्ता में हम शिरकत करेंगे।
वर्तमान में हमारे संपर्क में रहे सीमित कैडर एवं कुछ नेतृत्वकारी साथी इस नयी रूख पर अपनी पूरी सहमत जता रहा है, इसलिए केंद्र सरकार से हमारी अनुरोध है कि समूचे देश भर के अलग-अलग राज्यों में काम कर रहे और जेल में बंद साथियों से सलाह मशविरा करने के लिए हमें एक माह की समय देना है।
इस विषय पर प्राथमिक रूप से सरकार के साथ वीडियो कॉल कें जरिये विचारों का आदान-प्रदान करने कें लिए भी हम तैयार है। इसलिए और एक बार हम स्पष्ट कर रहे है कि फौरन एक माह समय के लिए औपचारिक रूप से सीजफायर की घोषणा करें।
इस मामले को लेकर नक्सलियों के ई-मेल, फेसबुक के आईडी पर आपके विचारों को हम तक पहुंचाईए। हमारी प्रपोजल पर सरकार अपनी सहमति जताते हुए सहयोग करने की आश्वासन देने के फौरन बाद से ही हम यह दिये ईमेल और फेसबुक अकाउंट को देख सकते हैं।
सरकार से हमारा यह अनुरोध हैं कि आप अपनी निर्णय को इंटरनेट से दूर रहने वाले हमारी पार्टी के तमाम कैडरों तक पहुचाने के लिए आकाशवाणी एवं दूरदर्शंन के माध्यम से जरूर प्रसार करवाईए।
विशेष सूचना
1. हमारी पार्टी के जो भी साथी सरकार से दिए गए समय सीमा के अंदर यदि अपनी अनमूल विचारों को हम तक पहुँचाने मे असमर्थ रहने से आप चिंता मत कीजिये। वार्ता प्रक्रिया के दौरान भी आप आपका विचार भेज सकते है।
2. देश के अलग-अलग जेलों में बंदी साथी भी जेल अधिकारियों के अनुमति से आपके विचारों को कृपया भेजिए। 3. राज्य कमेटी, स्पेशल एरिया कमेटी, स्पेशल जोनल कमेटी, सब जोनल ब्योरों सहित पार्टी के अलग-अलग स्तरों में प्रवक्ता के जिम्मेदारी निभा रहे साथीगण एकमत के साथ राय प्रकट होने पर प्रवक्ता के नाम से भी भेज सकते हंै।
- ईमेंल: nampet(2025@mailcom - फेसबुक - nampetalk
नोट कई कारणों से यह बयान लेट से जारी कर रहे हैं।


