बलरामपुर

कोरंधा में भी पकड़ाई अवैध अफीम की खेती
12-Mar-2026 11:19 PM
कोरंधा में भी पकड़ाई अवैध अफीम की खेती

ढाई एकड़ में लगी फसल उखाडऩे की कार्रवाई

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलरामपुर,12 मार्च। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में अवैध अफीम की खेती का मामला लगातार सामने आ रहा है। कुसमी के बाद अब कोरंधा थाना क्षेत्र के खजूरी गांव में भी अफीम की खेती मिलने से हडक़ंप मच गया है। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में अफीम की फसल उखाडऩे की कार्रवाई शुरू कर दी गई।

जानकारी के अनुसार खजूरी गांव झारखंड सीमा से लगा हुआ है। खजूरी पंचायत का तुर्रापानी इलाका पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है, जहां आमतौर पर लोगों का आना-जाना कम रहता है। बुधवार देर शाम ग्रामीणों ने यहां अवैध तरीके से अफीम की खेती किए जाने की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और रात में ही क्षेत्र में पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

जांच के दौरान तीन किसानों की करीब ढाई एकड़ जमीन पर अफीम की फसल लगी हुई पाई गई। इसके बाद प्रशासनिक टीम ने मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में अफीम की फसल उखाडऩे की कार्रवाई शुरू कर दी।

पुलिस के अनुसार झारखंड के चतरा जिले के निवासी राजेंद्र राम ने खजूरी गांव के सहादुर राम, रोपना समेत तीन किसानों की जमीन किराये पर लेकर उसमें अफीम की खेती करवाई थी।

खेत में लगे अफीम के डोडों में पांच से छह चीरे लगे हुए मिले हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि यहां से अफीम निकालने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी थी।

बताया जा रहा है कि अफीम निकालने का काम झारखंड से आए मजदूरों के द्वारा किया जाता था। फिलहाल पुलिस ने तीन किसानों को हिरासत में ले लिया है और मामले से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

गौरतलब है कि इससे पहले त्रिपुरी घोसराडांड़ इलाके में भी 3.67 एकड़ में अवैध अफीम की खेती पकड़ी गई थी। उस मामले में पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 4.75 करोड़ रुपये मूल्य की 4,344 किलोग्राम अफीम जब्त की थी, हालांकि मामले का मुख्य सरगना अभी तक फरार बताया जा रहा है।

पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं और झारखंड से जुड़े नेटवर्क की भी तलाश की जा रही है।


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