बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 14 फरवरी। बलौदाबाजार जिले के विभिन्न सीमेंट संयंत्रों में मजदूरों को मालवाहक वाहनों से लाने-ले जाने की व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ठेकेदार मजदूरों को पिकअप और अन्य मालवाहक वाहनों में बैठाकर संयंत्रों तक पहुंचाते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
बताया जाता है कि मजदूरों का परिवहन सुबह 7 से 8.30 बजे के बीच तथा रात्रि पाली से लौटते समय किया जाता है। बलौदाबाजार-सिमगा मार्ग पर कई सीमेंट संयंत्र स्थित हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, मार्ग की स्थिति ठीक नहीं है, जिससे आवागमन में दिक्कतें आती हैं।
कुछ स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि यातायात पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा इस व्यवस्था पर पर्याप्त निगरानी नहीं की जा रही है। हालांकि इस संबंध में विभागीय अधिकारियों की प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी है।
संयंत्र प्रबंधन की उदासीनता
स्थानीय लोगों का कहना है कि संयंत्र परिसरों के भीतर सुरक्षा मानकों का पालन कराया जाता है, लेकिन बाहरी क्षेत्रों में मजदूरों के परिवहन की व्यवस्था पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। इस संबंध में संयंत्र प्रबंधन का पक्ष सामने नहीं आया है।
पूर्व हादसों का खौफ
करीब दो वर्ष पूर्व ग्राम खमरिया के पास मालवाहक वाहन दुर्घटना में 12 लोगों की मृत्यु हुई थी। इसके अलावा रायपुर मार्ग पर गोडा पुलिया और तुरतुरिया क्षेत्र में भी पिकअप पलटने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन घटनाओं के बाद भी मालवाहक वाहनों से लोगों के परिवहन का मुद्दा चर्चा में बना हुआ है।
कार्रवाई की मांग
कुछ नागरिकों और विशेषज्ञों ने मालवाहक वाहनों में मजदूरों के परिवहन पर रोक लगाने तथा ठेकेदारों और संयंत्र प्रबंधन के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। उनका कहना है कि नियमों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि दुर्घटनाओं की आशंका कम हो सके। प्रशासन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक बयान की प्रतीक्षा है।


