बलौदा बाजार

पूर्व सरपंच की हत्या, आरोपियों को 5-5 साल की सजा
12-Jan-2026 4:11 PM
पूर्व सरपंच की हत्या, आरोपियों  को 5-5 साल की सजा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदाबाजार, 12 जनवरी। 25 अगस्त 2024 को ग्राम कुकुरदी में एक बैठक आयोजित की गई थी। सामाजिक बैठक के दौरान जैतखाम में झंडा चढ़ाने को लेकर बातचीत चल रही थी, इसी दौरान विवाद खड़ा हो गया। विवाद बढऩे के बाद आरोपियों ने पूर्व सरपंच कन्हैयालाल जांगड़े की हत्या कर दी।

करीब साढ़े चार साल पुराने मामले में जिला सत्र न्यायालय ने सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया। जिला सत्र न्यायालय बलौदाबाजार ने तीनों आरोपियों को दोषी पाया और कठोर कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने कहा कि कानून को हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं है। कोर्ट ने सभी तीनों दोषियों को पांच - पांच साल की सजा सुनाई है।

पूरा विवाद 25 अगस्त 2024 का है, एक सामाजिक बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में सामाजिक कार्यों पर चर्चा और खर्चे को लेकर बातचीत होनी थी। चर्चा के दौरान ही पैसों को लेकर विवाद खड़ा हो गया। मौके पर मौजूद गणेशराम चतुर्वेदी, उसका पुत्र भोला चतुर्वेदी और साहिल चतुर्वेदी ने कन्हैयालाल जांगड़े के साथ पहले गाली गलौच की फिर उसकी बेरहमी से पिटाई की। जानलेवा पिटाई से जख्मी पूर्व सरपंच कन्हैयालाल जांगड़े की मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही थाना सिटी कोतवाली पुलिस सक्रिय हुई। मृतक के परिजनों की रिपोर्ट पर थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 556/2024 धारा 103, 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीनों आरोपियों गणेशराम चतुर्वेदी, भोला चतुर्वेदी और साहिल चतुर्वेदी को तत्काल गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच से ही यह स्पष्ट हो गया था कि घटना अचानक नहीं, बल्कि पुराने विवाद के चलते हुई है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मारपीट के दौरान कन्हैयालाल जांगड़े के सीने पर जोरदार वार किया गया, जिसके बाद वे बेहोश होकर वहीं गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की और तत्काल उन्हें अस्पताल पहुंचाया है, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने कन्हैयालाल जांगड़े को मृत घोषित कर दिया। एक सामाजिक बैठक, जो संवाद और सहमति का मंच होनी चाहिए था, वह देखते ही देखते हत्या की घटना में तब्दील हो गया।

प्रकरण की सुनवाई सत्र विशेष न्यायाधीश बलौदाबाजार अब्दुल जाहिद कुरैशी की अदालत में हुई। न्यायालय ने सभी साक्ष्यों, गवाहों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट का परीक्षण किया गया। न्यायालय ने अपने फैसले में माना कि तीनों आरोपियों द्वारा मृतक कन्हैयालाल जांगड़े के साथ की गई मारपीट आपराधिक मानव वध की श्रेणी में आती है।

अपराध की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने आरोपी गणेशराम चतुर्वेदी, भोला चतुर्वेदी और साहिल चतुर्वेदी को 5-5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई. इसके साथ ही प्रत्येक आरोपी पर 10 हजार का अर्थदंड भी लगाया गया है। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि सामाजिक मंचों पर हिंसा फैलाने और कानून को हाथ में लेने वालों के प्रति सख्ती जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


अन्य पोस्ट