बलौदा बाजार

कार्रवाई से पहले बंद होती है खुदाई
08-Jan-2026 3:42 PM
कार्रवाई से पहले बंद होती है खुदाई

बलौदाबाजार क्षेत्र में रेत के अवैध खनन का मामला

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदाबाजार, 8 जनवरी। बलौदाबाजार-पलारी क्षेत्र में रेत के अवैध खनन और परिवहन का मामला लगातार सामने आ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कार्रवाई की सूचना पहले ही लीक हो जाने के कारण टीम के पहुंचने से पहले खुदाई रोक दी जाती है और मशीनें आसपास की झाडिय़ों में छुपा दी जाती हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, नियमों के तहत रेत की खुदाई श्रमिकों के माध्यम से हाथ से तथा सुबह 6 से शाम 6 बजे तक की जानी चाहिए, लेकिन क्षेत्र में दिन-रात मशीनों से खुदाई की जा रही है। उनका कहना है कि अधिकारियों के मौके से लौटते ही दोबारा खुदाई शुरू हो जाती है।

मंगलवार शाम करीब 6 बजे चिखली रेत घाट पर जब अधिकारी पहुंचे, उससे कुछ समय पहले ही खुदाई बंद कर दी गई थी और मशीनें हटा दी गई थीं। ग्रामीणों ने बताया कि यह वही रेत घाट है, जहां करीब एक सप्ताह पहले रेत परिवहन में लगे एक हाईवा वाहन की क्रूजर सवारी वाहन से टक्कर हो गई थी। इस दुर्घटना में दो लोगों की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हुए थे। घायलों में से एक की बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई।

एक मशीन सील, दूसरी से जारी खुदाई

ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ दिन पहले खनिज विभाग द्वारा एक चेन माउंटेन मशीन को सील कर घाट बंद किया गया था, लेकिन इसके बावजूद दूसरे मशीन के माध्यम से रेत खनन और लोडिंग जारी रही। कार्रवाई की सूचना मिलने पर घाट बंद कर दिया गया।

 

कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों के आरोप

आसपास के ग्रामीणों का कहना है कि कार्रवाई के दौरान टीम द्वारा झाडिय़ों में छुपाई गई मशीनों की तलाश नहीं की जाती। उनका आरोप है कि कई बार अधिकारी घाट पर पहुंचकर औपचारिकता पूरी कर लौट जाते हैं, जिससे अवैध खनन दोबारा शुरू हो जाता है।

ग्रामीणों ने कुरूद घाट पर भी अवैध खनन जारी रहने की बात कही है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि जब तक विभाग के भीतर से सूचनाओं का लीक होना बंद नहीं होगा, तब तक अवैध खनन पर प्रभावी रोक नहीं लग पाएगी।

इस संबंध में उपसंचालक खनिज राजेश मालवे से उनका पक्ष जानने के लिए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। पूर्व में विभाग की ओर से कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी गई थी।


अन्य पोस्ट