बलौदा बाजार
ग्रामीणों ने कलेक्टर से अनुमति निरस्त करने की मांग की
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 8 जनवरी। बलौदाबाजार जिले के भाटापारा तहसील अंतर्गत ग्राम धौराभाठा में चूना पत्थर उत्खनन की स्वीकृति को लेकर ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है। मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचे और खनन अनुमति को निरस्त करने की मांग करते हुए आवेदन सौंपा।
ग्रामीणों के अनुसार, प्रशासनिक पत्र के माध्यम से उन्हें जानकारी मिली है कि ग्राम धौराभाठा में खसरा नंबर 12/1 की लगभग 3.7 एकड़ भूमि में चूना पत्थर उत्खनन की अनुमति दी गई है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि इसके अलावा करीब 20 एकड़ भूमि में खनन की स्वीकृति की जानकारी सामने आई है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव और आसपास के क्षेत्र में पहले से ही चूना पत्थर की खदानें, क्रशर और मिट्टी खदान संचालित हैं। उनके अनुसार, इन गतिविधियों के कारण धूल, शोर तथा जल और वायु प्रदूषण की समस्या बनी हुई है, जिससे ग्रामीणों के स्वास्थ्य और खेती पर असर पड़ रहा है।
खेती और जल स्रोत प्रभावित होने की आशंका
ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपे आवेदन में बताया कि धौराभाठा एक कृषि प्रधान गांव है, जहां अधिकांश लोग धान की खेती पर निर्भर हैं। उनका कहना है कि यदि नई खदान शुरू होती है तो खेतों में धूल जमने, जल स्रोतों के प्रभावित होने और खेती को नुकसान पहुंचने की आशंका है। ग्रामीणों ने मांग की है कि किसी भी नए खनन कार्य से पहले ग्रामसभा की सहमति, जनसुनवाई और पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन किया जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
ग्रामीण कृष्ण कुमार वर्मा,धौराभाठा का कहना है कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है और हमारा गांव खेती पर निर्भर है। यदि यहां चूना पत्थर की खदान शुरू होती है तो खेतों, पानी और हवा पर असर पड़ेगा। इसी कारण हम कलेक्टर जनसुनवाई में शिकायत लेकर आए हैं।
ग्रामीण दिलेश्वर ध्रुव, धौराभाठा का कहना है कि गांव के आसपास पहले से क्रशर और खदानें हैं, जिनसे परेशानी हो रही है। अब नई खदान की अनुमति दी गई है। यदि प्रशासन ने हमारी बात नहीं सुनी, तो सभी ग्रामीण मिलकर आंदोलन करेंगे।
एक अन्य ग्रामीण ने कहा कि किसानों से बिना सहमति लिए खनन की अनुमति दी गई है। उनका कहना है कि खनन से रोजगार की बजाय स्वास्थ्य और खेती को नुकसान होगा। ग्रामीण ने बताया कि इसी को लेकर कलेक्टर जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई गई है।


