बलौदा बाजार

विकसित भारत रोजगार व आजीविका गारंटी मिशन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई ऊर्जा
08-Jan-2026 3:41 PM
विकसित भारत रोजगार व आजीविका गारंटी मिशन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई ऊर्जा

125 दिनों के रोजगार ने बढ़ाया उत्साह

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदाबाजार, 8 जनवरी। शासन की महत्वाकांक्षी योजना विकसित भारत -गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन-ग्रामीण (वीबी-जी राम जी) ने बलौदाबाजार जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की एक नई उम्मीद जगाई है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के आधुनिक और उन्नत स्वरूप के रूप में पेश की गई यह योजना वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसरों को सुदृढ़ करना है, जिससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि गांवों से शहरों की ओर होने वाले पलायन पर भी प्रभावी रोक लगेगी। जिले के ग्राम कोसमंदा में इस योजना को लेकर ग्रामीणों के बीच भारी उत्साह देखा जा रहा है, जहाँ लोग इसे अपनी आर्थिक स्वतंत्रता और सशक्तिकरण का आधार मान रहे हैं।योजना पर प्रकाश डालते हुए ग्राम रामपुर (कोसमंदा) निवासी प्रमिला कन्नौजे ने प्रसन्नता व्यक्त की कि अब उन्हें वर्ष में 100 दिनों के बजाय 125 दिनों का सुनिश्चित रोजगार प्राप्त होगा। उन्होंने योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसके त्वरित भुगतान तंत्र को बताया, जिसके तहत मजदूरों को उनके काम की मजदूरी अब मात्र एक सप्ताह के भीतर मिल जाएगी। इसके अतिरिक्त काम की मांग करने पर यदि शासन काम उपलब्ध नहीं करा पाता है, तो भत्ते का प्रावधान ग्रामीणों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच की तरह काम करेगा। इन सुधारों ने श्रमिकों के भीतर भविष्य को लेकर एक नया आत्मविश्वास पैदा किया है।वहीं दूसरी ओर, खेती-किसानी के दृष्टिकोण से भी इस योजना को अत्यंत लाभकारी माना जा रहा है।

 

ग्रामीण सीताराम के अनुसार, गांव में डबरी निर्माण, तालाबों के जीर्णोद्धार और नहर-नाली निर्माण जैसे कार्यों से जल स्तर में सुधार होगा, जिसका सीधा लाभ कृषि उत्पादन को मिलेगा।  योजना की एक अनूठी विशेषता यह है कि इसमें धान की खेती के पीक सीजन के दौरान 60 दिनों तक सरकारी कार्यों को बंद रखने का विशेष प्रावधान किया गया है। इससे खेती के समय मजदूरों की कमी की समस्या हल हो जाएगी और खेती का काम समय पर पूरा हो सकेगा।  यह संतुलित दृष्टिकोण किसान और मजदूर दोनों के हितों को सुरक्षित करता है। कोसमंदा के ग्रामीणों की यह सकारात्मक प्रतिक्रिया इस बात का प्रमाण है कि ‘जी राम जी’ योजना धरातल पर विकसित भारत के स्वप्न को सिद्ध करने में सफल होगी।


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