बलौदा बाजार

सोनबरसा जंगल में प्लास्टिक कचरे से फैला खतरा
04-Oct-2025 4:14 PM
 सोनबरसा जंगल में प्लास्टिक कचरे से फैला खतरा

अनाज की सडऩ और बदबू से जंगल में वातावरण प्रदूषित

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदाबाजार, 4 अक्टूबर। प्राकृतिक संरक्षण हेतु बनी स्थानीय संस्था वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन सोसाइटी ने सोनबरसा जंगल में जिला प्रशासन बलौदाबाजार द्वारा कचरा फैलाए जाने की कड़ी शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि ऐसा अपकृत्य प्राकृतिक एवं पर्यावरण के लिए बेहद नुकसानदेह हैं।

ज्ञातव्य है कि कुछ दिनों पूर्व जिला प्रशासन द्वारा एक साइकिल चालन स्पर्धा बलौदाबाजार साइक्लोथॉन कराई गई थी, जिसमें बड़ी तादाद में लोगों ने भाग लिया था। इस आयोजन में प्रतिभागियों को भोजन करने हेतु प्लास्टिक सामग्रियों का अत्यधिक उपयोग किया गया था, जो आज भी सोनबरसा जंगल में फैला हुआ है। जिस पर जिला प्रशासन द्वारा किसी किस्म का संज्ञान नहीं लिया गया और प्लास्टिक कचरा को साफ करने हेतु कर्मचारी नहीं भेजे गए।

संस्था के अध्यक्ष निखिलेश त्रिवेदी ने कहा कि सोनबरसा जंगल में फैले हुए भोजन हेतु प्लास्टिक कचरे से वन्य प्राणियों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस आयोजन हेतु पेड़ पौधों को भी नुकसान पहुंचाया गया हैं। दशहरे की सुबह बलौदाबाजार के गणमान्य नागरिकों ने इस तबाही को देखा है। एक लगभग 9.10 फीट ऊंचा सागौन का पौधा इस कार्यक्रम के समय क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसे दो व्यक्तियों ने सीधा करके सहारा देने एवं पट्टी बांधकर डैमेज कंट्रोल का प्रयास भी किया हैं।

त्रिवेदी ने कहा कि साइकिल स्पर्धा हेतु जंगल की जमीन को छीलकर समतल करना, पौधे उखाडऩा और वहां गिट्टी बजरी की 2 इंच परत डालना घर अनुचित एवं प्राकृतिक विरुद्ध कार्य हैं। जिला प्रशासन के इस कारनामे की जांच होनी चाहिए। त्रिवेदी ने कहा -इस आयोजन में दर्शाए गए खर्च एवं प्लास्टिक खर्च का ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग भी जिला प्रशासन से की हैं, ताकि वित्तीय पारदर्शिता स्पष्ट हो सकें।

 

जंगल को पूर्व की भांति साफ सुथरा करें

त्रिवेदी ने कहा जिला प्रशासन बलौदाबाजार से अपील की है कि वह इस संबंध में कार्रवाई करते हुए सोनबरसा जंगल को पूर्व की भांति साफ सुथरा करवाकर वन विभाग को देवे।

त्रिवेदी के कथन का समर्थन संस्था के अन्य सदस्यों अनादि शंकर मिश्रा अधिवक्ता, शैलेश गुप्ता, संदीप पांडे, एवं नीलम दीक्षित आदि ने भी किया है।


अन्य पोस्ट