बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
भाटापारा, 25 सितंबर। आदर्श रामलीला नाटक मंडली नवरात्र के प्रथम दिवस से अपने 106वें वर्ष का आरंभ मुकुट एवं गणेश पूजन के साथ वीर अभिमन्यु नाटक के भव्य प्रस्तुति के साथ हुआ। वीर अभिमन्यु, कृष्ण, अर्जुन, द्रोणाचार्य एवं सात वीरो के दमदार संवाद और बेहतरिन अभिनय ने दशको का मनमोहा और खूब तालिया बटोरी।
उत्तरा, सुभद्रा के अभिनय की काफी सराहना हुई। अभिमन्यु के वीरगति का दृष्य अत्यंत रोमाचित और मार्मिकता के साथ प्रस्तुत हुई जिसमें अभिमन्यु का रथ का पहिया उठाना, सातो वीरो का एक साथ तलवार और तीरो से अभिमन्यु को छलनी कर देने का सीन लोगों को बांधकर रखा। अभिमन्यु के पात्र में आदित्य जोशी ने कमाल का संवाद और अभिनय का प्रदर्शन किया।
वीर अभिमन्यु के पात्रों में नजर आए श्रीकृष्ण आयुष तिवारी, अर्जुन लव शर्मा , द्रोणाचार्य वैभव तिवारी, अभिमन्यु आदित्य जोशी, युधिष्ठिर जय मल, नकुल लक्ष्य चौरसिया, सहदेव रौशन जैन, भीम सुयश गब्बर शर्मा, दुर्योधन अभि अग्रवाल, दु:शासन श्याम मल, जयद्रथ आदित्य सोनी, शकुनि काव्यांश शर्मा, शल्य नमन मल, कर्ण निलेश मल, अश्वत्थामा मुकुल शर्मा, उत्तरा शुभ केशरवानी, सुभद्रा धरमपाल सोनी एवं मुकेश, कृपांश, कार्तिक पांडे, आकर्ष जैसे बाल कलाकारो ने भुमिका निभाई।
आदर्श रामलीला नाटक मंडली प्रारंभ गणेश पूजन एवं मुकुट पूजन अस्त्र-शस्त्र पूजन के साथ प्रारंभ हुआ। सत्यनारायण जोशी संरक्षक मंडल के सदस्य के द्वारा पुजन यजमान बन कार्यक्रम पूर्ण कराया गया। भगवान श्रीकृष्ण की आरती में ब्राम्हण समाज एवं राजपुत क्षत्रिय समाज से अपार जन समूह उपस्थित रहे। जिनमें प्रमुख रूप से अटल त्रिवेदी, हरगोपाल शर्मा, अजयकांत शुक्ला, मनीष शर्मा, महेश उपाध्याय, सुनील दुबे, संतोष पुरोहित, राधेश्याम शर्मा, विजय पांडे, धनंजय तिवारी, मनोज पांडे, ढाल सिंह ठाकुर, प्रदीप ठाकुर, विकास ठाकुर, संजय सिंह उपस्थित थे। अतिथियों ने अपने ने अपने संबोधन में रामलीला के इस 106 वर्षों के सफर को अलौकिक बताया और प्रबंधन समिति को साधुवाद देते हुए कलाकारो की प्रशंसा की एवं अनवरत परंपरा निर्वहन की आशा जताई।


