बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 19 सितंबर। नगर पालिका की बैठक में स्वर्णकार समाज को भवन बनाने के लिए वार्ड क्रमांक 6 में दी गई 8 हजार स्क्वायर फीट जमीन का आवंटन रद्द करने का फैसला लिया गया है, वहीं सिख समाज को यहां भवन बनाने के लिए जमीन की मंजूरी दी गई है। इस फैसले ने स्वर्णकार समाज में पालिका के खिलाफ आक्रोश भडक़ा दिया हैं।
स्वर्णकार समाज का कहना है कि पालिका ने खुद उन्हें जमीन देकर छीन ली। जबकि दूसरी जगह पर मंजूरी लिए बिना पहले ही भवन बन चुके समाज को बाद में मंजूरी दी गई। वहीं पालिका की बैठक में रिसदा रोड से शराब दुकान हटाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया हैं।
इधर, फैसले के बाद स्वर्णकार समाज में शाम को आपात बैठक बुलाई। इसमें फैसले को पक्षपातपूर्ण बताते हुए इसका विरोध किया गया। समाज के वरिष्ठों का कहना है कि यह निर्णय न केवल अन्यायपूर्ण है बल्कि समाजिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला भी हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक पालिका की ओर से स्वर्णकार समाज को आवंटित इस जमीन को लेकर स्थानीय नगर वासियों समेत आसपास के इलाकों के लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई थी। वार्ड नंबर 6 के पार्षद ने इन्हीं आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव तैयार किया था।
पालिका अध्यक्ष अशोक जैन से अनुमोदन लेकर उन्हें बैठक में रखा गया। इसके बाद परिषद ने प्रस्ताव को पारित कर स्वर्णकार समाज की स्वीकृति रद्द कर दी। अब इस जगह पर कम्युनिटी हाल और गार्डन डेवलप करने का निर्णय लिया गया हैं। वहीं मौके पर पहले ही बन चुके सिख समाज के भवन को औपचारिक स्वीकृति देने का प्रस्ताव भी पालिका में पास किया गया।
नगर पालिका का फैसला पक्षपाती- स्वर्णकार समाज
जमीन आवंटन निरस्त करने के मुद्दे पर स्वर्णकार समाज ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि हमें जब पहले ही स्वीकृति मिल चुकी है तो अचानक ऐसे उसे रद्द करना गलत हैं। वहीं दूसरे समाज को पहले निर्माण और बाद में स्वीकृति देने का फैसला पालिका के पक्षपाती रवैये को दर्शाता हैं। स्वर्णकार समाज की आपात बैठक में सभी सदस्यों ने एकमत होकर विरोध दर्ज करते हुए परिषद से पुनर्विचार की मांग की हैं। उन्होंने चेतावनी दी की समस्या का अगर जल्द समाधान न निकला तो आंदोलन को मजबूर होंगे।
लंबे वक्त से मांग के बाद
हटाई शराब दुकान
बैठक में रिसदा रोड स्थित अंग्रेजी शराब दुकान को हटाने का फैसला भी लिया गया। शहरवासी लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे। परिषद में मौजूद अधिकांश सदस्यों ने जनता की भावना को देखते हुए इस प्रस्ताव पर सहमति दी। इससे आमजन में राहत की भावना देखी गई। शराब दुकान हटाने को लेकर शहरवासियों ने परिषद के फैसले का स्वागत किया। लोगों ने कहा कि यह कदम देर से सही लेकिन सही दिशा में उठाया गया हैं। पालिका की इस बैठक में जहां एक और जनता को राहत मिली है तो दूसरी ओर सामाजिक भवन विवाद में जमीन भी तैयार हो गया हैं।
हमारा उद्देश्य सबका हित -नपा अध्यक्ष
नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन ने कहा कि परिषद का उद्देश्य किसी भी समाज की भावना को ठेस पहुंचाना सही नहीं हैं। सार्वजनिक हित को ध्यान में रखते हुए ही फैसले लिए गए हैं। स्वर्णकार समाज और वार्डवासियों के बीच सामंजस्य बिठने की कोशिश जारी हैं।


