बलौदा बाजार
पंचायतों को नोटिस, समय से मरम्मत नहीं करने पर होगी कानूनी कार्रवाई
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 30 अगस्त। जिले में नहर को काटकर पानी रोकने और ले जाने की घटनाओं पर जिला प्रशासन ने सख्त रूख अपनाया है। इस संबंध में जनपद पंचायत पलारी और बलौदाबाजार की 15 ग्राम पंचायत को एसडीएम द्वारा नोटिस जारी करके तीन दिन के अंदर सरपंचों को अपने निजी खर्चे पर नहरों की मरम्मत करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्देशों का पालन नहीं करने पर पंचायत राज अधिनियम 1993 और सिंचाई अधिनियम 1931 के तहत कठोर कार्रवाई कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
पंचायत अगर 3 दिन के समय सीमा में नेहरो की मरम्मत नहीं करती है तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके तहत जुर्माना और अन्य कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जा सकता हैं। प्रशासन की इस सख्ती के बाद सिंचाई विभाग में बाधा डालने वाले में दहशत हैं।
ज्ञात हो कि करीब 50 गांव के 300 से अधिक किसानों का एक दल विधायक संदीप साहू के नेतृत्व में हाल ही में डिप्टी कलेक्टर से मिला था जहां उन्होंने अधिकारियों से कहा कि 20 दिनों के बाद ही टेल एरिया के खेतों को पानी नहीं मिलने से किसान परेशान हंै और जल्द पानी नहीं पहुंचा तो बड़े आंदोलन की चेतावनी दी थी। इसके बाद प्रशासन ने इस मामले में तत्परता दिखाई है और नहर व्यवस्था में बाधा डालने वालों के खिलाफ एक्शन मोड में आ गया हैं।
प्रभावित किसानों ने भी किया निर्देश का स्वागत
टेल एरिया के किसान प्रशासन के इस फैसले का स्वागत करते कर रहे हैं। उनका कहना है कि हर वर्ष उनके खेतों तक पानी पहुंचाने में इसी तरह का बाधा उत्पन्न होता है इस बार पानी नहीं पहुंचने से उनके फसले सूख रही हैं। जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा हैं। उन्हें उम्मीद है कि इस कड़ी कार्यवाही के बाद अब उन्हें नहर का पानी मिलेगा और उनकी फसल अच्छा होगा।
इन ग्राम पंचायत को दिया गया नोटिस
जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत बलौदाबाजार अंतर्गत 6 ग्राम पंचायत मोहतरा, सोनाडीह, देवरी, कांजी, भरसेला, और खमहारडीह के सरपंचों को नोटिस जारी किया गया है। वहीं जनपद पंचायत पलारी अंतर्गत 9 ग्राम पंचायत द्वारा जारा, रेगाडीह, सैहा, चूचूरंगपुर, गाडाभाटा, टीपावन, ओड़ान, सलोनी और दतान को भी यह नोटिस भेजा गया हैं।
एसडीएम निकुंज पलारी द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सिंचाई के लिए बनाई गई नहरों के गेट और दीवारों में अनाधिकृत छेड़छाड़ की गई है। इसके चलते खरीफ सीजन में सिंचाई हेतु जलापूर्ति करने और अंतिम छोर टेल एरिया तक पानी पहुंचाने में प्रशासन को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा हैं।
नोटिस में इस पंचायतों के सरपंचों को निर्देशित किया गया है कि वह अपने-अपने क्षेत्र में क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत अपने निजी खर्चे पर तत्काल करें और तीन दिन के भीतर इसकी लिखित रिपोर्ट प्रशासन को सौंपे। नहरों में छेड़छाड़ से किसानों के फसल सूख रहे हैं।
ज्ञात हो कि नहर के शुरुआती सिरें में पानी रोक लेने और नहर को काट कर पानी चुराने से टेल एरिया के गांव तक पानी ही नहीं पहुंच पा रहा है, इससे किसानों के बीच भी झगड़े की स्थिति पैदा हो रही है। प्रशासन की सख्ती से इस समस्या से लोगों को निजात दिलाने में मदद करेगी।


